चित्रकूट/मानिकपुर। जिले के मानिकपुर की सीमा से सटे मप्र के रीवा जिले के मुकुंदपुर व्हाइट सफारी में गुरुवार को एक बाघ की बीमारी से मौत हो गई। उसका नाम नकुल है। व्हाइट सफारी मुकुंदपुर में दो और बाघ हैं। एक सफेद मादा बाघ और एक यलो बाघ ने खाना खाना बंद कर दिया है।
व्हाइट सफारी के प्रबंधक संजय राय खेरे ने बताया कि नकुल नाम का बाघ पहले से ही बीमार था, समय पर इलाज न मिलने के कारण उसने गुरुवार 31 दिसंबर को ही दम तोड़ दिया। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया है।
सभी बाघों के स्वास्थ्य की जांच कराई गई है, जिसमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया कि 15 दिनों से डॉक्टर राजेश तोमर नहीं आए हैं। इसलिए अन्य डाक्टरों से बाघों का इलाज कराया जा रहा है।
2020 में छह बाघों और तीन शावकों की हो चुकी मौत
चित्रकूट। 2020 में जिले की सीमा क्षेत्र में छह बाघों और तीन शावकों की मौत हो चुकी है। 23 दिसंबर को गोपी नामक व्हाइट बाघ की इसी क्षेत्र में मौत हुई थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से बाघों की मौत हो रही है।