भगवान श्रीराम की तपोभूमि आजकल राममय है। समूचे परिवेश में राम नाम की गूंज है। जगह-जगह राम की महिमा, त्याग और मर्यादा का बखान किया जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर रामघाट तक जगह-जगह सजाए गए तोरणद्वार देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहे हैं। इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से जगह-जगह श्रीराम की महिमा प्रदर्शित की गई है। माइक के माध्यम से तुलसीदास रचित रामचरित मानस की चाैपाइयां गूंजती रहती हैं। बिजली की झालरों से समूचा तीर्थस्थान जगमगा रहा है। शाम होते ही ऐसा लगता है श्रीराम के स्वागत में अंधेरा मुस्कुरा रहा है। असंख्य दीपों के जगमगाने से मंदाकिनी नदी गुनगुनाने लगती है। दीपों में अपने ही प्रतिबिंब देखकर इठलाने लगती है।भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्त अपनी भावनाओं को भगवान राम तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। रामलीलाओं के माध्यम से कलाकार भगवान राम की महिमा को लोगों का तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। श्रद्धालु भक्तिभाव से सबकुछ देख-सुनकर भाव-विभाोर हो उठता है। उसके पैर थिरकने लगते हैं। मुंह से मानस की कोई न कोई चाैपाई गुनगुनाने लगता है।
दीपों से जगमगाई धर्मनगरी
दिवाली महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया दीपदान
भगवान कामदनाथ मंदिर में दर्शन के लिए लगी रही होड़
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। दीपावली मेले पर देश-विदेश से आए 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी और कामदगिरि में दीपदान किया। धर्मनगरी के प्रमुख तीर्थ स्थान श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। भगवान कामदनाथ के दर्शन की होड़ लगी रही। श्रद्धालु मंदाकिनी नदी और कामदगिरि में दीये जलाकर सुख9समृद्धि की कामना की। असंख्य दीपों की रोशनी से मंदाकिनी जगमगा उठी।
अमावस्या पर रामघाट का नजारा देखते ही बन रहा था। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रही। मथुरा से आए संत कृपालु दास, कैलाश बाबा ने बताया कि चित्रकूट में भगवान श्रीराम पैदल ही चलते थे। इसलिए धरती के कण-कण में श्रीराम का वास है। भगववान राम दिवाली मेले में हर बार आते हैं। जबलपुर से आई श्वेता गुप्ता ने बताया कि वह दस साल से लगातार दिवाली मेले में आर रही हैं। दीप जलाती हैं और शांति महसूस करती हैं।
अन्य तीर्थ स्थानों पर भी दीये जलाए
श्रद्धालुओं ने धर्मनगरी के कामदगिरि पर्वत सहित जानकीकुंड, स्फटिक शिला, भरतकूप सहित अन्य तीर्थ स्थानों में भी दीपदान कर पूजा पाठ किया। इससे धर्मनगरी के सभी तीर्थ क्षेत्र रोशनी से जगमगाते रहे। जय श्रीराम की गूंज हर जगह सुनाई दे रही थी।
जगह-जगह भंडारे का आयोजन
जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। मठ मंदिरों के अलावा समाजसेवियों ने प्रसाद बांटा। व्यापारियों के सहयोग से स्टेशन परिसर व अन्य संस्थाओं के माध्यम से बेड़ी पुलिया के पास प्रसाद बांटा गया। एसपी के निर्देश पर सीतापुर व कोतवाली पुलिस टीम ने श्रद्धालुओं को चना व अन्य खाद्य सामग्री बांटी।
दुकानदारों की रही चांदी
धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ से दुकानदारों की चांदी रही। खाने-पीने की वस्तुओं सहित घरों की सजावट की वस्तुएं खूब बिकी। परिक्रमा मार्ग स्थित दुकानदार राजेश पटेल, रोहित तिवारी ने बताया कि इस बार दिवाली मेला में अधिक श्रद्धालुओं के आने से दुकानों में खूब बिक्री हुई।
अयोध्या की तर्ज पर सजाई गई धर्मनगरी
अयोध्या की तर्ज पर धर्मनगरी में भी भव्य सजावट की गई थी। धर्मनगरी को राममय बनाने के लिए जगह-जगह श्रीराम के इलेक्ट्रिक उपकरण लगने के साथ कई स्थानों पर मंच बनाकर उनकी मूर्ति रखी गई है। श्रद्धालु सेल्फी ले रहे थे। 200 से अधिक कलाकारों ने भगवान श्रीराम के चरित्र पर आधारित भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। जिला मुख्यालय कर्वी से लेकर रामघाट तक जगह-जगह तोरणद्वार बनाए गए हैं। इसकी भव्य सजावट की गई है, जिसमें श्रीराम की तस्वीर नजर आती है। इसके अलावा प्रमुख मार्गों के किनारे श्रीराम, माता सीता सहित हनुमान की मूर्ति रखी गई है।