चित्रकूट। झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर मंदाकिनी नदी पर 17.46 करोड़ रुपये से नए पुल का निर्माण होगा। यह पुल पुराने पुल के समांतर बनेगा। इसकी डिजाइन तैयार हो गई है। यह पुल बनने से जाम की समस्या कम होगी और स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं का आवागमन आसानी होगी। पुल दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
कर्वी क्षेत्र में मंदाकिनी नदी पर प्रस्तावित नया पुल 112 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा होगा। वर्तमान में मंदाकिनी नदी पर बना पुल महज साढ़े छह मीटर चौड़ा है। नए पुल के निर्माण पर 17 करोड़ 46 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। तीन महीने पहले पुराने पुल के लिए टेस्टिंग कर पुल की डिजाइनिंग व अन्य काम हुए थे।
बाद में पुल बनाने का काम ठहर गया था लेकिन नई डिजाइन मिलने के बाद मंदाकिनी नदी पर पुल बनाने का काम फिर से शुरू करा दिया गया है। नए पुल के निर्माण की जिम्मेदारी पटियाला की कंपनी राणा बिल्डर्स को सौंपी गई है। पुल तैयार होने के बाद धर्मनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम होगा और जिले के विकास को भी गति मिलेगी।
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छह दशक पुराने पुल की दीवारों में उगी घास-फूस
करीब 60 वर्ष पूर्व बने पुराने पुल की हालत अब जर्जर हो चुकी है। दीवारों पर घास-फूस उग आई है और संरचना कमजोर पड़ गई है। स्थानीय निवासी विजय मिश्रा व दुर्गेश खंगार ने बताया कि पुल की स्थिति को देखते हुए लंबे समय से नए पुल की मांग की जा रही थी। पुल का निर्माण शुरू होने से वाहन चालकों और आमजन को बड़ी सुविधा मिलेगी।
साढ़े छह मीटर चौड़े पुल से प्रतिदिन निकलते 10 हजार वाहन
मंदाकिनी नदी में बने इस पुल से झांसी मिर्जापुर हाईवे से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहन आना जाना करते हैं। मंदाकिनी नदी पर बने पुल की चौड़ाई महज साढ़े छह मीटर होने के कारण अक्सर जाम की समस्या से राहगीरों की जूझना पड़ता है। कई बार तो पुल से निकलने में घंटों लगते हैं। समानांतर पुल के बनने के बाद पुल के साथ शहर की यातायात की समस्या खत्म होगी और राहगीरों को राहत मिलेगी।
बोले जिम्मेदार
तीन महीने से पुल की टेस्टिंग व डिजाइन का काम हो रहा था। इस कारण समय लगा है। नई डिजाइन तैयार हो गई है। इसलिए दोबारा काम शुरू हुआ है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- मृत्युंजय कुमार, अधिशासी अधियंता, पीडब्ल्यूडी, बांदा।
19 सीकेटीपी-17-मंदाकिनी नदी के सकरे पुल से बांदा की ओर जाते वाहन। संवाद- फोटो : संवाद