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Chitrakoot News: रानीपुर टाइगर रिजर्व में दिखा विलुप्तप्राय गिद्धों का कुनबा

Tue, 03 Mar 2026 10:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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03 सीकेटीपी-01टाइगर रिजर्व मानिकपुर जंगल में गिद्धों का झुंड। स्त्रोत ग्रामीण
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चित्रकूट। पर्यावरण संरक्षण के लिए शुक्रवार का दिन सकारात्मक रहा। रानीपुर टाइगर रिजर्व के जंगलों में विलुप्तप्राय गिद्धों का एक बड़ा झुंड दिखाई दिया है। लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में गिद्धों की मौजूदगी ने वन विभाग और पर्यावरण प्रेमियों को उत्साहित किया है। मानिकपुर प्रथम के सकरौहा गांव के पास तटबंध किनारे यह झुंड देखा गया। स्थानीय लोग इस दुर्लभ दृश्य को देखकर हैरान रह गए और उन्होंने इसकी फोटोग्राफी की। विशेषज्ञों का मानना है कि गिद्धों की वापसी पर्यावरण संतुलन के लिए शुभ संकेत है। इन्हें प्रकृति का सफाईकर्मी कहा जाता है।
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मानिकपुर रेंजर सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि रिजर्व क्षेत्र के ऊंचे सेमल के पेड़ों पर अक्सर गिद्धों का झुंड देखा जाता है। रानीपुर टाइगर रिजर्व के कोर और बफर जोन में ऐसे पेड़ों की भरमार है, जो इनके लिए सुरक्षित आवास हैं। इसी कारण पाठा का जंगल अब दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों का सुरक्षित ठिकाना बन रहा है। गिद्धों की संख्या में गिरावट का मुख्य कारण पशुओं के इलाज में उपयोग होने वाली डाइक्लोफेनाक दवा थी। इस दवा पर प्रतिबंध के बाद गिद्धों की संख्या में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। रानीपुर टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद संरक्षण कार्यों में तेजी आई है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है।



गोरखपुर में गिद्ध प्रजनन केंद्र

दुनिया का पहला राज गिद्ध प्रजनन एवं संवर्धन केंद्र गोरखपुर में स्थापित है। यह परियोजना ''प्रोजेक्ट जटायु'' के तहत संचालित है। राज गिद्ध प्रजाति को गिद्धों की सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में माना जाता है। मादा राज गिद्ध साल में केवल एक अंडा देती है, जिससे इनकी संख्या बढ़ाना चुनौतीपूर्ण है। इस केंद्र के माध्यम से प्रजनन और संवर्धन पर विशेष कार्य हो रहा है।
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चित्रकूट बना गिद्धों का हॉटस्पॉट

रानीपुर टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रत्यूष कटियार ने बताया कि चित्रकूट का जंगल अब गिद्धों का हॉटस्पॉट है। यहां विभिन्न प्रजातियों के गिद्ध देखे जा रहे हैं। वन विभाग ने हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं और संरक्षण के प्रयास लगातार जारी हैं। कुछ महीने पहले मध्य प्रदेश से विशेषज्ञ टीम बुलाकर सर्वे कराया गया, जिसमें गिद्धों के प्रमुख ठिकानों की पहचान हुई। वन विभाग ने आमजन से गिद्धों के संरक्षण में सहयोग करने और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने की अपील की है। रानीपुर के जंगलों में गिद्धों की बढ़ती संख्या पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए सुखद संकेत है।
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