चित्रकूट। मऊ के यूपी ग्रामीण बैंक के बीसी सेंटर से सरकारी योजनाओं का लालच देकर ग्रामीणों के खातों से लेनदेन करने के मामले में अब बांदा कनेक्शन सामने आ रहा है।
पुलिस और साइबर सेल की टीम पकड़े गए मुख्य आरोपी राममनोहर की कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही है। बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
दरअसल, 12 दिन पहले मऊ के धवाड़ा निवासी राममनोहर पर आरोप लगा था कि वह ग्रामीणों को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर बीसी सेंटर पर अंगूठा लगवाकर खाते खुलवाता और नई सिम निकलवाता था। फिर उनके खातों में रुपये मंगाकर निकाल लेता था। शिकायत पर पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं।जांच में पता चला है कि आरोपी के खाते से बांदा जिले के कई खातों में रुपये ट्रांसफर हुए हैं। आशंका है कि इस खेल में बांदा का बड़ा गिरोह शामिल है, जो ग्रामीणों के खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार आरोपी के मोबाइल से बांदा के कई नंबरों पर लगातार बात हुई है। साइबर सेल ने उन नंबरों को सर्विलांस पर लिया है। बैंक से भी छह महीने के लेनदेन का ब्योरा मांगा गया है।
थाना प्रभारी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। कॉल डिटेल और बैंक स्टेटमेंट से ही स्पष्ट होगा कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। पीड़ितों की संख्या भी बढ़ सकती है।