मऊ (चित्रकूट)। गैस किल्लत से कस्बे के लोग परेशान हैं। आलम यह है कि बुकिंग कराने के कई महीने बाद भी लोगों को गैस नहीं मिलती, जबकि ब्लैक में तुरंत मिल जाती है। गैस न मिलने पर परेशान उपभोक्ताओं ने रविवार को गोदाम पर हंगामा काटा। मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस बुलवानी पड़ी। एसओ सुरेंद्र सिंह ने खड़े होकर गैस बंटवाई।
कस्बे में एकमात्र गैस एजेंसी राजरानी गैस (भारत गैस) की है। आपूर्ति अनियमित होने से कस्बे में गैस की किल्लत बनी रहती है। रविवार को कस्बे से लगभग चार किमी दूर सुरौंधा गांव में बने गोदाम पर उपभोक्ताओं की भीड़ इकट्ठा हो गई। उपभोक्ता गैस लेने के लिए सुबह चार बजे ही आ डटे। दोपहर लगभग बारह बजे जब सिलेंडर देना शुरू किया गया तो आपाधापी मच गई। हर व्यक्ति पहले सिलेंडर लेना चाहता था। उपभोक्ताओं का कहना था कि महीने पहले बुकिंग कराने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता। जगतपाल गुप्ता ने कहा कि 22 मई को उन्होंने बुकिंग कराई थी, तब से वे चार बार आ चुके हैं लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मऊ में छह सौ रुपए दिए तब सिलेंडर मिला। औंझर के सुनील कुमार का भी यही कहना था कि उन्होंने भी मई में बुकिंग की थी पर सिलेंडर ब्लैक में लेना पड़ा। प्राथमिक विद्यालय मंडौर, बंबुरा, बरहा के शिक्षक भी लाइन में लगे थे। इनको भी सिलेंडर नहीं मिल पाया। सिलेंडर लेने आए आशुतोष सोनी को चक्कर आ गया और वह गिर पड़े। यह देख वहां खड़े उपभोक्ता आक्रोशित हो गए। इन लोगों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस पर एजेंसी के कर्मचारियों ने सिलेंडर बांटना बंद कर दिया। थाने पर सूचना दी गई तो एसओ सुरेंद्र सिंह पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। एसओ के समझाने के बाद लोग माने और एसओ ने ही खड़े होकर गैस सिलेंडर बंटवाया।
उधर, एजेंसी मालिक डा. कंचन सिंह ने सिलेंडर ब्लैक किए जाने की बात से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि आपूर्ति कम होने की वजह से यह दिक्कत है। सात ट्रक की जगह अब चार ट्रक ही एक हफ्ते में आ पा रहे हैं। एसडीएम सीपी उपाध्याय ने कहा कि गैस की कालाबाजारी का मामला डीएसओ का है, फिर भी वे मामले को संज्ञान में ले रहे हैं।