नगदी समेत तीन लाख का अनाज राख
मऊ (चित्रकूट)। घरवार गांव के मजरे मटियारा में लगी भीषण आग ने पिता और उसके तीन पुत्रों का घर और अनाज राख कर दिया। एक पुत्र के ससुर का भी गल्ला आग की भेंट चढ़ गया। तहसीलदार जियालाल ने मौका मुआयना कर भुक्तभोगियों को सरकारी सहायता दिलाने का ढांढस बंधाया।
घरवार के मजरे मटियारा में सोमवार की सुबह एक पिता और उसके तीन पुत्रों के लिए मनहूस साबित हुई। यहां का हीरालाल पुत्र परान और उसके तीन बेटे बच्चीलाल, रामनरेश और बोधन बंटवारे के बाद अलग-अलग घरों में रहते हैं। सभी के घर एक दूसरे से सटे हैं। सोमवार सुबह लगभग साढे़ सात बजे बच्चीलाल के घर में अज्ञात कारण से आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में बगल में रामनरेश और बोधन के साथ-साथ हीरालाल के घर को भी आगोश में ले लिया। किसी ने तहसील कार्यालय फोन किया तो वहां की सूचना पर पहुंची दमकल जब तक आग बुझाती सब कुछ राख हो चुका था। आग से बच्चीलाल का 35 क्विंटल गेहूं, पांच क्विंटल सरसों, पांच क्विंटल चना, तीन- तीन क्विंटल अरहर और अलसी के साथ डेढ़ किलो चांदी और पांच हजार रुपए की नकदी राख हो गई। रामनरेश का 20 क्विंटल गेहूं, तीन क्विंटल सरसों और छह क्विंटल चना, बोधन का 20 क्विंटल गेहूं, पांच क्विंटल चना, तीन क्विंटल अरहर, दो क्विंटल अलसी के साथ दो किलो चांदी और बीस हजार रुपए की नगदी जल गई। इसके अलावा हीरालाल का सात क्विंटल गेहूं, तीन क्विंटल चना, एक क्विंटल सरसों और अरहर आग की भेंट चढ़ गईं। गांव में ही बोधन का श्वसुर धर्मपाल पुत्र नंदन रहता है, इसका घर भी पास में होने से दस क्विंटल गेहूं, दो क्विंटल चना, एक एक क्विंटल अरहर और सरसों का नुकसान हुआ। सभी के घर भी पूरी तरह से राख हो गए। तहसीलदार जियालाल ने मौके का मुआयना किया। बताया कि इस अग्निकांड की लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है और रिपोर्ट आने के बाद तत्काल दैवीय आपता राहत कोष से राहत दिलाई जाएगी।