चित्रकूट। जिलाधिकारी मुथुकुमार स्वामी बी ने शुक्रवार कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक ली। अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि समय से विभाग कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डलवा दें। पशुओं का टीकाकरण और चारे की व्यवस्था पूरी कर ली जाए। जिससे कोई दिक्कत न हो सके।
डीएम ने जिला में बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों का आवश्यक दिशा निर्देश दिए। संबंधित विभागीय अधिकारियों से कहा कि बारिश से पूर्व जल निगम/जल संस्थान कुंओ में ब्लीचिंग पाउडर डलवा दें। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से कहा पशुओं का टीकाकरण, चारे आदि की व्यवस्था को जिला कृषि अधिकारी से सम्पर्क कर लें। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि जहां बाढ़ के दौरान कटान की संभावना हो ऐसे क्षेत्रों में बालू से भरी बोरियों की व्यवस्था कराई जाए। तहसील में कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाए। जनपद में यमुना, पयश्विनी नदी में ही अतिवृष्टि के दौरान बाढ़ आने की संभावना रहती है। जिला के चार बंाध ओहन, रसिन, बरूआ और गुन्ता हैं। सभी में वायरलेस सेट की स्थापना की जाए। सिंचाई विभाग के अधिकारी ने कहा अभी तक 40 तालाब भरे जा चुके हैं। यह भी बताया विभाग की ओर से बाढ़ चौकियाें, जनपद स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम की स्थापना की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके बाद डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्यान्न, मिट्टी तेल आदि सहित बाढ़ के दौरान की जाने वाली व्यवस्था पूर्व से ही किए जाने का निर्देश दिया। संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक बाध पर निगरानी कैंप की स्थापना पहले की भांति कर दी जाए। जिला के लगभग 25 गांव बाढ़ से प्रभावित होते है। इसपर डीमए ने सीएमओ से कहा ऐसे में बाढ़ के समय होने वाली संक्रमण बीमारी आदि की रोकथाम के लिए पहले से व्यवस्था कर ली जाए। बाढ़ के समय डकैती, लूट आदि की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। उसपर पुलिस विभाग सर्तक रहे। बैठक में अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार, सीडीओ पीके दूबे, अधिषाशी अभियंता जल निगम जेपी सिंह आदि थे।