फोटो- 09 सीकेटीपी- 3, 4 व 9 परिचय- सदर तहसील में धरने में मौजूद प्रदर्शनकारी, जुलूस में नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी और धरना स्थल पर मौजूद महिला प्रदर्शनकारी
पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारियों का प्रदर्शन
शिक्षकों के साथ कई कर्मचारी संगठन भी हुए शामिल
तहसील में तीन घंटे धरने के बाद निकाला गया पैदल जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। पुरानी पेंशन योजना फिर से बहाल कराने की मांग को लेकर कर्मचारी, शिक्षक व कई विभागों के अधिकारियों ने गुरुवार को तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भागेदारी की। धरने पर सरकारी संगठन के पदाधिकारियों ने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों को जमकर कोसा। दोपहर को पैदल जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
अगस्त क्रांति दिवस पर पुरानी पेंशन योजना को फिर लागू करने के लिए कर्मचारी, अधिकारी शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर गुरुवार की सुबह से ही सदर तहसील परिसर में कर्मचारियों व शिक्षकों का जमावड़ा लग गया। धरने में पेंशन बहाली मंच के संयोजक वीरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि एक देश, एक संविधान, एक जीएसटी देश में लागू है तो सबके लिए पेंशन व्यवस्था भी एक ही लागू होनी चाहिए। पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू न की गई तो सरकार का विरोध किया जाएगा। सह संयोजक जगन्नाथ सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का शोषण कर रही है। मांगे पूरी न की गई तो आने वाले चुनाव में सभी मिलकर सरकार का विरोध करेंगे। पर्यवेक्षक इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष बीके कुशवाहा ने कहा कि यह आंदोलन पूरे देश मेें किया जा रहा है। जिससे विवश होकर सरकार को पुरानी व्यवस्था लागू करना पडे़गा। सभा को राज्य कर्मचारी संघ के जगबली सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, मोतीलाल सिंह आलोक गर्ग, आराधना सिंह, शहनाज बानो, लवलेश सिंह, हरिशंकर तिवारी आदि ने संबोधित किया।
लगभग तीन घंटे तक चले धरने के बाद कर्मचारी व शिक्षकों ने पैदल जुलूस निकाला। शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ जुलूस कलक्ट्रेट परिसर पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलक्ट्रेट परिसर में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। जिसमें कहा गया है कि एक अप्रैल 2005 के बाद शासकीय सेवा में आए कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारियों को नई अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। इस मौके पर विभिन्न विभागों के संगठन के पदाधिकारी जय प्रकाश, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र नाथ, अजय पांडेय, अरुण श्रीवास्तव, रूपेश पांडेय, मंशूर अहसन, प्रीती रानी, लालजी, शारदा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
उमस व गर्मी से रहे बेहाल
चित्रकूट। आंदोलनकारियों की गुरुवार को मौसम ने भी परीक्षा ली। उमस गर्मी भरे मौसम में दोपहर को धूप निकलने से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी पहुंचे। धूप से बचने के लिए कई महिलाओं ने छाता लगाकर भाषण सुना, पानी की बोतल लेकर गला तर करतीं रहीं।
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बाइकाें का लगा मेला
चित्रकूट। तहसील परिसर में सैकड़ों बाइक एक साथ खड़ी थी। जिससे ऐसा लग रहा था जैसे बाइकों का मेला लगा हो। आम जनता को निकलने में परेशानी भी हुई।
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बिना अवकाश लिए कुछ शिक्षक पहुंचे
चित्रकूट। आंदोलन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक अवकाश लेकर पहुंचे लेकिन कुछ शिक्षक बिना अवकाश लिए ही आंदोलन में शामिल हुए।