राजापुर यमुना किनारे नदी की पूजा करते साधु संत।
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नौ मार्च से प्रारंभ हुई चित्रकूट धाम की वृहद 84 कोसीय परिक्रमा के तहत जारी यात्रा छह दिनों में लगभग 96 किलोमीटर का सफर तय कर मंगलवार को गोस्वामी तुलसीदास की जन्म स्थली राजापुर पहुंची। यात्रा में शामिल संत महात्माओं ने तुलसी जन्म कुटीर के दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मंदिर में विराजे उनके आराध्य प्रभु राम, लक्ष्मण और जानकी का पूजन किया।
तुलसी जन्म कुटीर के पास ही मानस मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्वयं रचित रामचरित मानस के दर्शन भी किए। इसके अलावा राजापुर में तुलसीदास द्वारा स्थापित संकट मोचन मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए और प्रसाद चढ़ाकर एक महीने तक चलने वाली इस यात्रा के सकुशल पूरी होने की कामना की।
इसके बाद परिक्रमा लगा रहे साधुओं का जत्था तुलसी स्मारक मंदिर पहुंचा, जहां सभी ने गोस्वामी तुलसीदास जी की भव्य प्रतिमा को शीश झुका उनसे रामभक्ति का आशीर्वाद मांगा। यात्रा के सातवें दिन का विश्राम राजापुर में यमुना किनारे तुलसी जन्म कुटीर में हुआ।