अपहरण से लेकर हत्या की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, पुलिस की स्पेशल टीम गठित
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। तेल उद्यमी के जुड़वा बेटों की हत्या के तीन दिन बाद भी चित्रकूट क्षेत्र में शोक व भय का माहौल बना रहा। सुरक्षा के लिए सभी प्रमुख स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाजार व स्कूल तो पूरी तरह खुल गए लेकिन सदगुरु पब्लिक स्कूल व जानकीकुंड अस्पताल मंगलवार को भी बंद रहे। सतना जिले के डीएम ने मासूमों की हत्या मामले की जांच के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए और आईजी रींवा ने स्पेशल टीम का गठन कर दिया है।
जानकीकुंड के स्कूल परिसर से 12 फरवरी को जुड़वां बेटों की अपहरण के बाद हत्या से उपजा लोगों का क्रोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीसरे दिन यूपीएमपी के चित्रकूट क्षेत्र में शांति तो दिखी लेकिन चहल-पहल नहीं थी। सदगुरु पब्लिक स्कूल के अलावा जानकीकुंड चिकित्सालय बंद होने से मरीजों को परेशानी होने लगी है। सतना डीएम सतेंद्र सिंह ने बताया कि सयुंक्त कलेक्टर अमर बहादुर सिंह इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच करेंगे। पुलिस की लगातार लापरवाही की बात मानने के बाद रींवा आईजी चंचल शेखर ने डीएसपी वीडी पांडेय के नेतृत्व में स्पेशल जांच टीम का गठन किया है। जिससे यह तय हो गया है कि अभी इस मामले में कुछ और लोगों पर जांच के बाद गाज गिरना तय है।
मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
चित्रकूट। मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चित्रकूट की इस घटना पर गहरा शोक जताकर पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृहमंत्री व डीजीपी को सतना एसपी से लेकर अन्य टीम के कार्य की रिपोर्ट मांगी है।
तीन दिन की और लेंगे रिमांड
चित्रकूट। सतना एसपी संतोष गौर ने बताया कि सभी हत्यारोपियों की रिमांड मंगलवार की शाम खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया है। अदालत से तीन दिन और की रिमांड की मांग की है। जिससे पूरी घटना का सही तरीके जानकारी हो सके।
पुलिस ने पकड़ी बाइक तो मिली थी धमकी
चित्रकूट। अपहरण के बाद से आरोपियों की तलाश के दौरान 14 फरवरी को नयागांव क्षेत्र में पुलिस ने मास्टर माइंड पदमशुक्ला के पिता रामकरण शास्त्री की बाइक पकड़ कर उसमें लिखे रामराज्य की जगह नंबर लिखने को कहा था। सिपाही शिवप्रसाद ने बताया कि बाबा एकदम भड़क गए थे और कहा कि अभी उन्हें जानते नहीं हो एक दिन में नौकरी ले लूंगा। चालान मत करो वह बाहर जाकर इसे मिटाकर नंबर लिखवाएंगे।
डाग स्क्वायड का प्रयोग नहीं
चित्रकूट। छोटी सी घटना में पुलिस डाग स्कवायड को लेकर घटना स्थल जाती है लेकिन इस घटना में पुलिस टीम ने एक भी बार इसका प्रयोग नहीं किया। मृतकों के पिता बृजेश ने बताया कि जब अपहरण के बाद दो दिन तक बच्चों को स्कूल परिसर के आसपास ही रखा गया तो शायद डाग स्क्वायड इसे पता कर लेते।
मास्टर माइंड के घर के पास ही रखे गए बच्चे
चित्रकूट। मृतकों के पिता बृजेश ने आरोप लगाया कि अपहरण के बाद दो दिन तक उनके बच्चों को पदम शुक्ला अपने घर व उसके पास ही एक कमरे में रखे रहा। जिसकी जानकारी उसके पिता रामकरण शास्त्री को थी।
यूपी पुलिस की भूमिका पर सवाल
चित्रकूट। इस मामले में यूपी पुलिस की भूमिका पर भी परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। जबकि सारा मामला यूपी क्षेत्र में ही चलता रहा।
गुलाबी गैंग कमाण्डर ने सौंपा पत्र
खोही। मप्र प्रभारी मंत्री की सूचना पर गुलाबी गैंग कमाण्डर सम्पत पाल समेत अन्य महिला नेत्री एकत्र हो गए। प्रभारी मंत्री को सौपे पत्र में कहा कि बच्चों की नृशंस हत्या के मामले में सीबीआई जांच करायें। दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान पुष्पा सिंह, आशा मिश्रा, केसरिया देवी, रामकली, गुड्डन देवी, गीता सिंह, रामा सिंह, रिंकी देवी आदि मौजूद रहीं।
अस्थि कलश से लिपट कर रोए पिता
खोही। मंगलवार की सुबह मासूम बच्चों के अस्थि कलश से लिपट कर पिता दहाड़े मारकर रोने लगे। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। हर ओर गम और रोष लोगों में देखा गया। प्रयागराज में पिता ने नमआंखों से अस्थियों का विसर्जन कर दिया।