चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने पत्रकारों से सोमवार को कालूपुर स्थित कार्यालय में कहा कि डकैतों के नाम पर अवैध वसूली व सरकारी काम में बाधा डालने की परंपरा पुरानी है और इस पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। विद्युत प्लांट से मजदूर का अपहरण कर हत्या करने वालों में कुछ और लोग भी शामिल हैं जो विवेचना में सामने आएंगे और उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पत्रकार वार्ता में मौजूद अपर एसपी बलवंत चौधरी ने कहा कि कुछ लोग पुलिस व प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कराई जाएगी।
आरोपियों की शारीरिक हालत कमजोर
चित्रकूट। पूरी घटना में पकड़े गए दोनों आरोपी की मानें तो अपहरण के बाद मजदूर की मौत होने के कारण की जानकारी नहीं है। मुख्य आरोपी बुलचलवा उर्फ राजबहादुर ही बता सकता है। आरोपियों में एक तो इतना कमजोर व बीमार है कि वह ज्यादा दूर तक पैदल चल नहीं सकता।
जब फिरौती के लिए अपहरण तो उसी दिन क्यों मारा
चित्रकूट। छह लाख की फिरौती मांग कर अपहरण करने वालों ने उसी दिन मजदूर को क्यों मार डाला इसका जवाब कोई नहीं दे पा रहा है। माना जा रहा है कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आरोपियों ने उसे मार दिया और शव छिपाकर भाग गए। यह तो पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि अपहरण वाली रात ही उसकी करंट लगने से मौत की जानकारी हो रही है। बाकी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से पता चलेगा। अब सवाल यही है कि जब रुपये के लिए अपहरण किया तो उसी रात उसे करंट लगाकर क्यों मार दिया गया। और यदि उसकी हत्या करनी थी तो अन्य हथियार से भी कर सकते थे।
रास्ते में करंट से मरने पर शव छिपाया हो
चित्रकूट। इस मामले में संभावना है कि अपहृत मजदूर को जंगल में ले जाते समय बदमाश रास्ता भटके और खेतों में जंगली जानवर का शिकार करने के लिए लगाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से अपहृत मोहन की मौत हो गई। यह देखकर आरोपी घबरा गए और शव छिपाकर भाग निकले। इस मामले में ठेकेदार व कुछ अन्य मजदूर भी संदिग्ध हैं। जिनसे पुलिस ने पूछतांछ करने की बात कही है।
डकैतों के नाम पर वसूली व अडंगा पुराना धंधा
अमर उजाला ब्यूरो