चित्रकूट। आधार के नाम पर जिले में खानापूर्ति चल रही है। कागजों में 57 केंद्र संचालित दिख रहे हैं लेकिन हकीकत में लोगों को आधार बनवाने और अपडेट के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
सोमवार को विकास भवन में हुई आधार अनुश्रवण समिति की बैठक में यही लापरवाही उजागर हुई तो सीडीओ डीपी पाल ने कड़ा रुख अपनाया।
बैठक में यूआईडीएआई प्रतिनिधि हेमंत मिश्रा ने माना कि नामांकन और संशोधन में तकनीकी अड़चनें आ रही हैं। सीडीओ ने अधिकारियों को चेताया कि आधार संतृप्तिकरण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने बीएसए को फटकार लगाते हुए कहा कि अभी तक स्कूली बच्चों के आधार अधूरे क्यों हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर 0 से 5 साल के बच्चों का आधार बनाने में डीपीओ और आईपीपीबी की सुस्ती पर नाराजगी जताई और दोनों विभागों को समन्वय बनाकर अभियान चलाने का निर्देश दिया।
एसडीएम को भी निर्देश दिया कि 18 और 100 साल से ऊपर के लोगों के लंबित सत्यापन को लटकाया न जाए, तुरंत निस्तारण करें।