चित्रकूट में परंपरागत कृषि विकास योजना पीकेवाई एवं कृषि विभाग की अन्य संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट परिसर में हुई। इसमें जैविक खेती के लिए 30 क्लस्टरों का चयन हुआ।
इस दौरान कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने बताया कि भारत सरकार के कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती के क्रियांवयन के लिए जनपद में 30 कलस्टरों का चयन किया गया है। प्रति कलस्टर 50 कृषकों का चयन किया गया है। इसमें एक कृषक मुख्य रूप से लीड रिसोर्स पर्सन होगा।
योजना का क्रियान्वयन कृषि विभाग के न्याय पंचायत स्तरीय कर्मचारी एवं एलआरपी की देख रेख में संचालित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. महेेंद्र कुमार ने गोशालाओं को अजीविका का मिशन बनाने के लिए प्रेरणा दी। कहा कि समूहों के माध्यम से गोबर गौ मूत्र एवं कंपोस्ट खाद तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराई जाए।
नदी किनारे किसानों को जैविक खेती कराई जाए। इसके लिए मंदाकिनी नदी के किनारे 50 कलस्टर का चयन किया जाए। बैठक में मुख्य पशु अधिकारी डॉ. केपी यादव, जीसी गंगवार, सहायक निदेशक मत्स्य बाल गोविंद यादव, जिला कृषि रक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार अवस्थी, राजेंद्र सिंह, अरूण कुमार, विकास भारती, वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार, रमाकांत चौबे, प्रगतिशील किसान शिव कुमार शुक्ला, रेवती रमन आदि मौजूद रहे।