फोटो 28 सीकेटीपी-12-दुकान में रखे पापड़ की जांच करते अधिकारी।
चित्रकूट। होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। खोआ, सरसों का तेल, पापड़ और कचरी जैसी वस्तुओं की मांग बढ़ते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हैं। इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने 19 फरवरी से विशेष अभियान चलाया है। अब तक 259 किलो मिलावटी व संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की जा चुकी है। इसमें 50 किलो खोआ भी शामिल है। इसके अलावा फिंगर चिप्स, कचरी और रंगीन मिठाइयों पर भी कार्रवाई की गई है। विभाग ने 100 से अधिक नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि शशांक त्रिपाठी ने बताया कि त्योहार के दौरान लोग सतर्क रहें और खरीदारी करते समय गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने मिलावटी सामान की पहचान के आसान तरीके भी बताए।
ऐसे करें खोए की जांच
खोए को हथेली पर रगड़ने पर देसी घी की खुशबू आए और हथेली चिकनी हो जाए तो वह शुद्ध माना जाता है। छोटी गोली बनाने पर यदि वह फटने लगे तो मिलावट की आशंका है। शुद्ध खोआ मुंह में घुल जाता है, जबकि नकली खोया चिपचिपा लगता है। आयोडीन की बूंद डालने पर घोल नीला पड़े तो उसमें स्टार्च या मैदा मिला हो सकता है।
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तेल की ऐसे पहचानें शुद्धता
नारियल तेल को फ्रिज में रखने पर शुद्ध तेल पूरी तरह जम जाता है। सरसों के तेल की सफेद कागज पर बूंद डालने पर गहरा दाग रह जाए तो मिलावट की संभावना है। तीखी गंध और हल्का पीला रंग उसकी शुद्धता का संकेत है।
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पापड़-कचरी में भी बरतें सावधानी
जरूरत से ज्यादा चमकदार या अत्यधिक सफेद पापड़-कचरी में रसायन हो सकते हैं। पानी में डालने पर रंग तुरंत बदल जाए तो कृत्रिम रंग की मिलावट मानी जाती है।
उपभोक्ता संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को दें। इससे त्योहार पर सेहत से समझौता न हो।