सड़क के नाम पर 25 लाख रुपये का फर्जी भुगतान
चित्रकूट। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता-एई व जेई के बीच तकरार बढ़ती ही जा रही है। मंगलवार को विभाग की महिला जेई ने फिर आरोप लगाए कि मुख्यमंत्री के दौरे के अलावा गड्ढा मुक्त सड़क के नाम पर 25 लाख रुपये से अधिक का फर्जी भुगतान कराया गया है। विरोध करने पर अधिकारी अपशब्दों का प्रयोग करते हैं।
विभाग की महिला जेई किरन ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता आरसी कटियार और एई एके सिंह ने उन पर दबाव डालकर मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान चाय, नाश्ता, डाकबंगले में एसी रिपेरिंग, लाइट सांउड का दो लाख से अधिक का भुगतान कराया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री की गड्ढा मुक्त सड़क योजना में लगभग 22 लाख रुपये का भुगतान फर्जी सप्लाई आर्डर वर्क से निकाला गया है। यह सब कार्य मुख्यालय की जेई होने के कारण उनके साइड से कराए गये। बार-बार विरोध करने पर भी विभागीय अधिकारियों ने नियम कानून को ताक पर रखा।
महिला जेई ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इन सब मामलों की जांच कराने की मांग की है। उधर अधिशासी अभियंता आरसी कटियार ने बताया कि आरोप गलत है। इसकी जांच में सब सामने आ जाएगा।
इंजीनियरों को किया जाएगा पाबंद
चित्रकूट। लगातार लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के बीच बढ़ते तनाव व विवाद के कारण कोतवाली पुलिस ने विभागीय सभी अधिकारी कर्मचारियों का सत्यापन शुरू कराया है। कोतवाल ने बताया कि जो भी शांति व कानून व्यवस्था का उल्लघंन करेगा उसे कानूनन पाबंद किया जाएगा।
कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि कई दिनों से लोक निर्माण विभाग कार्यालय व कालोनी में मारपीट, तोड़फोड़ व विवाद की घटनाएं हो रही हैं। इससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने का अंदेशा है। इसे देखते हुए विभागीय सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम पते व अन्य जानकारी एकत्र की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इनके खिलाफ शांतिभंग कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार को भगाया
चित्रकूट। शहर के लोक निर्माण विभाग जेई कालोनी मेें महिला जेई की कार तोड़ने और कुछ लोगों के अराजकता फैलाने को लेकर कोतवाल ने जांच पड़ताल की है। मंगलवार को कालोनी के एक जेई के आवास मेें रहने वाले ठेकेदार और उनके मजदूरों को डाट कर भगाया गया।