पुरातन छात्रों का गवाह बना इलाहाबाद विवि
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। धर्मनगरीे शनिवार पूरब के आक्सफोर्ड इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों के समागम का गवाह बनी। जिसमें इस विवि से पढ़कर निकले जज, अधिकारी, संत व छात्रों ने लल्ला की चुंगी नामक कार्यक्रम में एकत्र होकर सभी ने अपने अनुभव साझा किए। अंत में भावुक माहौल में सभी ने कहा कि समागम इस विश्वविद्यालय की संस्कृति को जीने का एक माध्यम है। जो निरंतर चल रहा है।
धर्मनगरी के जानकीकुंड के पास स्थित यात्रिका पर्यटक स्थल प्रांगण में लल्ला की चुंगी समूह द्वारा समागम 2018 का आयोजन हुआ। चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी मनोज तिवारी के साथ वरिष्ठ छात्र श्यामकृष्ण पंाडेय, उच्चशिक्षा की पूर्व निदेशक किरणबाला पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रामाधीन सिंह, पूर्व जज चंद्रशेखर, अपरएसपी बलवंत चौधरी व संत मदनदास महाराज ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। आयोजकों ने सभी को स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। इसके बाद सभी ने इस विश्वविद्यालय में गुजारे शिक्षण काल की यादों के अनुभव को साझा किया। छात्रों के समागम कार्यक्रम को अनोखा बताकर सभी भावुक हो गए। कई तो अपने छात्र जीवन की याद में खो गए।
मुख्य अतिथि डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का अपना एक अलग इतिहास रहा है और वहां का छात्र होना अपने आप मे गौरव का विषय है । आज इस समागम में आकर मुझे अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है ।
कार्यक्रम समापन तक सभी ने सिर्फ यही कहा कि ये समागम विश्वविद्यालय की संस्कृति को जीने का एक माध्यम है । लल्ला की चुंगी समूह किसी भी संस्थान का पहला डिजिटल समूह है जिसके सदस्य आपस में जुड़कर एक दूसरे को पहचानते हुए संस्कारों को सहेजने का कार्य कर रहे है। पुरातन छात्र संजीव मिश्र, सुनील नवोदित व अनुज हनुमत के संयोजन में धर्मनगरी चित्रकूट में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ । जिसका संचालन प्रदीप तिवारी ने किया । इस मौके पर सुनील राय, सीओ रजनीश यादव, विभा पांडेय, उपेंद्र सिंह, जयवर्धन त्रिपाठी, संतोष तिवारी, अक्षांश, मणि बाला, प्रवीण मालवीय, रामसागर चतुर्वेदी, अरुण सिंह, राजेश श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव व देव तिवारी आदि मौजूद रहे।