फोटो- 30 सीकेटीपी- परिचय- खुटहा सीतापुर मार्ग पर टूटा पेड़, कर्वी माफी मंदिर में टूटकर गिरा पेड़ और खुटहा के पास लबालब भरे तालाब को देख खुश होता नन्हा बालक।
सर इसके पूर्व भेजी गई फाइल बारिश वाली में- फोटो नंबर लिखना भूल गए हैं। फोटो नंबर - 6, 7 व 17 है।
झमाझम बारिश से जन जीवन हुआ अस्त व्यस्त
जल भराव से हाइवे समेत अन्य सड़कों पर लगा जाम
कई स्थानों पर टूटे पेड़, मार्ग बाधित, लबालब भरे तालाब पोखर
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले में दो दिन से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। प्रमुख सड़काें सहित गलियों में जलभराव होने से आवागमन में बाधित हो गया है। मऊ से कर्वी के बीच बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग में जलभराव होने से तीन घंटे से अधिक जाम लगा रहा। कई स्थानों पर पेड़ गिरे पडे़ हैं। बारिश के कारण कई स्कूलों में अवकाश रहा। खेत खलिहान सहित तालाब लबालब भर गये । जिससे किसानों के चेहरे खिल गये हैं। मंदाकिनी नदी व यमुना नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। जिसको देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है।
जिले में दो दिन से बारिश हो रही है। रविवार की रात व सोमवार की सुबह जोरदार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। खेत खलिहान सहित प्रमुख सड़काें, गलियों में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग इस समय बन रहा है। जिसमें पुलियों का निर्माण पूरा न होने से सड़काें में पानी भरा होने से आनेजाने वाले वाहनों का आवागमन तीन घंटे से अधिक बंद रहा। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धर्मनगरी के बेड़ी पुलिया सीतापुर मार्ग का निर्माण पूरा न होने से यहां भी कई स्थानों पर पानी भरा होने से टेंपो बीच रास्ते में फंस गए। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की गलियों में भी जल भराव रहा।
कई स्कूलों में रहा अवकाश
चित्रकूट। सोमवार की सुबह बारिश होने से कई स्कूलों ने अवकाश घोषित कर दिया। जो स्कूल खुले थे उनके छात्र-छात्राएं छाता लगाकर स्कूल पहुुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों में हालत अधिक खराब थी।
कई पेड़ गिरे
चित्रकूट। बारिश होने व हवा चलने से कई भारी भरकम पेड़ सड़कों मेें गिर गए। धर्मनगरीस्थित खुटहा सीतापुर मार्ग व कर्वी माफी स्थित देवी जी के मंदिर में लगा पीपल का पेड़ गिर गया। जिससे मंदिर की इमारत टूट गई।
खेत तालाब भरे
चित्रकूट। दो दिन से अच्छी बारिश होने से खेत तालाब भर गए हैं। किसान शिवकुमार शुक्ला, योगेश जैन, राजेश तिवारी, सुरेश कुमार महेश ने बताया कि खरीफ की फसल के लिए यह बारिश बहुत लाभदायक है।