रेलवे डिपो घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। मानिकपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के डिपो मेें डेढ़ करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद कर्मचारी खुद को बचाने की जुगत में लगे हैं। जिससे इस लंबी होती जांच प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। एक महिला कर्मचारी ने इस मामले में उच्चाधिकारियों से मिलकर कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि घोटाला करने वालों के सही नाम उजागर हो सके। वही जांच में कुछ सामग्री अधिक भी मिली है। जिसको लेकर जांच में सवाल उठाए जा रहे हैं।
रेलवे विभाग की तीन सदस्यीय सतर्कता विजिलेंस टीम ने मानिक पुर जंक्शन के सिग्नल विभाग के स्टोर में तीन अगस्त और 20 सितंबर को जांच की थी। जांच में 10 केवीए का जनरेटर, 12 कोर केबल, 12 ड्रम, छह कोर केबल सात एलईडी, 500 मीटर एचडीटीई पाइप, दस सिग्नल यूनिट और केरोसिन गायब मिला। जिस पर जांच अधिकारी मुख्य सतर्कता निरीक्षक सतीश भटनागर, विशाल सिंह, और संतोष कुमार ने डेढ़ करोड़ रुपये का सामान गायब होने की रिपोर्ट रेलवे विभाग दिल्ली के लिए भेजा। जांच में यह भी दिखाया गया है कि कुछ सामग्री खाता रिकार्ड से अधिक है। जिसमें सेकेंड़ी सेल बैट्री 2 बोल्ट, 300 एएच, 151,40 एएच, की 238 बैट्री अधिक संख्या में पाई गई। इसी तरह से सेकेंड़ी सेल 80 एएच की 117 ,300 एएच, 151,40 एएच, 13,120एचच, 78,200एएच, 75,12 बोल्ट बैट्री 4 अधिक संख्या में मिली हैं इसके बाद अभी तक कोई कार्रवाई न होने से घोटाले में शामिल कुछ कर्मचारी अपने को बचाने में जुट गए। जिसका ठीकरा एक महिला कर्मचारी पर डाला जा रहा है। उसने रेलवे विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। डिपो इंचार्ज विवेक सिंह का कहना है कि रेलवे की विजिलेंस टीम ने जांच जरूर की लेकिन सामग्री गायब होने जैसी कोई बात नहीं है। सहायक मंडल अधिकारी प्रयाग राहुल सिंह ने बताया कि डिपो में सब ठीक है। वहीं इस विभाग की एक महिला कर्मचारी ने उच्चाधिकारियों को लिखे पत्र में बताया कि उसे कार्यालय आने से भी रोका जा रहा है। इसकी जांच प्रभावित कर दोषी बचना चाहते हैं। विभाग के कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं है।