चित्रकूट। डीएम शेषमणि पांडेय की अध्यक्षता में कोविड 19 की रोकथाम और बचाव से संबंधित बैठक कैंप कार्यालय में हुई। यहां डीएम ने कहा कि एंबुलेंस की उपलब्धता कॉल के 15 या 20 मिनट में सुनिश्चित होनी चाहिए। जिले में मौजूद सभी एंबुलेंस को क्रियाशील कराया जाए।
डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार को निर्देश दिए कि सर्विलांस टीम घर-घर भेजकर सर्वे कराएं। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के रोगियों को चिहिन्त कर जांच कराई जाए। कोविड सेंटर में भर्ती रोगियों की चिकित्सा में लगे चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मी पीपीई किट जरूर पहनें। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से आरटी पीसीआर टेस्ट कम से कम 200 और एंटीजन टेस्ट कम से कम 500 लोगों के रोज कराने के लिए कहा। सीडीओ अमित आसेरी, एडीएम जीपी सिंह, एसपी प्रकाश स्वरूप पांडेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
फीडबैक लेकर रजिस्टर में करें दर्ज
डीएम ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्हाेंने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके चौरिहा को संक्रमित मरीजों से रोज फीडबैक लेने के निर्देश दिए। कहा कि शासन को भेजी जाने वाली होम आइसोलेशन सूचना का रजिस्टर अलग बनाया जाए। एंबुलेंस संचालन का भी रजिस्टर बनाएं। इसमें लिखा जाए कि एंबुलेंस कहां गई, कहां से आई और कितना समय लगा। सभी टेलीफोन चालू हालत में रहने चाहिए।