बीएड अभ्यर्थियों की सूनी रही दिवाली
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। दिपावली पर जहां पूरा देश खुशियां मना रहा था वहीं उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के बीएड टेट उत्तीर्ण 2011अभ्यर्थियों व उनके परिवार के लोगों की दीवाली सूनी रही। न कोई उमंग रहा और न ही कोई उत्साह दिखा। पड़ोस के घरों मे जहां पटाखों की आवाज गूंजती रही। वहीं इनके घरों में सन्नाटा पसरा रहा। न पटाके फ ोड़े गए और न ही मिठाई खरीदी गई। पिछले सात साल से नौकरी की बाट जोह रहे इन बेरोजगारों की सुध लेने वाला कोई नही दिखा। इनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने पर नौकरी देने का वादा किया था लेकिन अब मुकर गए। सिर्फ शहर व योजनाओं का नाम बदलने से विकास नहीं होगा।
गुरुवार को मानिकपुर कस्बे में बीएड टेट उत्तीर्ण 2011अभ्यर्थियों की बैठक में सभी ने अपनी दुर्दशा व खस्ताहाल जीवन के लिए बेरोजगारों ने सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को ही दोषी ठहराया। संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील यादव, प्रज्ञा मिश्रा, सुधीर सिंह, रूखसाना खान, विजय यादव, रोजी कमल व विनय गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार वादा करके मुकर गई। पहले ड्राफ्टिंग के नाम पर टाइम पास और फि र कमेटी गठन कर विश्वास में लेकर प्रदेश के बीएड टेट के साथ छल विश्वासघात किया गया।
प्रदेश के बीएड टेट अभ्यर्थियों ने दिपावली के पर्व को न मनाने का पहले ही ऐलान कर रखा था। मानिकपुर के जयराम भर्ती का इंतजार करते- करते शर्मा ओवर ऐज हो गए। अब वह मुफलिस के दौर से गुजर रहे प्राईवेट स्कूल में पढ़ाते है। घर खर्च चलाना मुश्किल है। इनका कहना है त्यौहार कहां से मनाए। कैलास साहू व अरविन्द तिवारी कहते है शहरों का नाम बदलने से पहले बेरोजगारों से किए वादो को सरकार पूरा करे। मिथलेस कुमार, करुणेश व भानु यादव ने भी दीपावली का पर्व नही मनाया।