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12 लाख रुपये और मोबाइल उगलेंगे राज

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चित्रकूट। आशीष की मौत के कारणों का खुलासा करने में पुलिस लगी हुई है। पुलिस का अनुमान है कि 12 लाख रुपये का मामला और आशीष और उसकी पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल से गुत्थी सुलझेगी। वहीं मृतक के भाई ने हत्या का आरोप लगा पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया है।
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भाई आलोक ने बताया कि जिला फतेहपुर निवासी एक दोस्त विपिन सिंह को उसके भाई आशीष ने 12 लाख रुपये उधार दिए थे। वह कई साल से रुपये नहीं लौटा रहा था। इसे लेकर दो बार आशीष ने कोतवाली में तहरीर भी दी है लेकिन पुलिस ने इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की। रुपये न मिलने से आशीष परेशान था और इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ।
इधर पुलिस ने आशीष और उसकी पत्नी के मोबाइल को कब्जे में लिया है। दोनों की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्यों को जोड़कर पुलिस मौत के कारणों को जान सकेगी।
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पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि मृतक की पत्नी का भी मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिया है। इन दोनों के मोबाइल से कुछ रहस्य खुल सकता है। परिजनों ने हत्या का आरोप किसी के नामजद नहीं दिया है। मृतक के बड़े भाई आलोक ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद मामले की जांच आगे बढ़ेगी।
पैनल से हुआ पोस्टमार्टम
घटना स्थल पर सल्फास की गोलियों के पैकेट भी मिले हैं। शाम को डाक्टरों ने पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया है और उसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया
पूरे मामले में शिक्षक संघ के अध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस ने घटना स्थल के पास मिली संदिग्ध सामग्री की जांच के लिए उनके नमूने भी नहीं लिए। शव को बिना सील किए पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के उल्टी का भी सैंपल एकत्र नहीं किया गया। कहा कि जल्द घटना का खुलासा कर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन करेंगें।
घटनास्थल पर बिखरे पड़े कपड़े
घटना स्थल पर मृत शिक्षक के शरीर में सिर्फ बनियान थी। बाकी के कपड़े कुर्ता, पायजामा, अंडरवियर आस पास बिखरे मिले हैं। मौके पर शराब की बोतल का रैपर, नमकीन के पाउच, गिलास, मोबाइल व जहरीला पदार्थ के दो सही व एक खुला पाउच मिला है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक के अंदरूनी अंगों में किसी चीज से मारपीट के कुछ निशान भी दिखे हैं।
तीन साल पहले बने थे प्रधानाध्यापक
प्राथमिक विद्यालय हनुआ मानिकपुर में तैनात आशीष सिंह तीन साल पहले ही प्रोन्नित पाकर प्रधानाध्यापक बने थे। 2008 में नौकरी मिली थी। इसके बाद वह चित्रकूट मुख्यालय के बस स्टैंड पर किराये के घर में रहते थे। उनकी एक बेटी भी है। बेटी होने के बाद उन्होंने कालपुर पाही में निजी मकान बनवाया था। संवाद
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