जिले में उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने से किसान परेशान हैं। उन्हें चिंता सताने लगी है कि कहीं इस साल सूखा न पड़ जाए। कई किसानों ने तो खरीफ की फसल की तैयारी ही रोक रखी है। मऊ, बरगढ़, मानिकपुर व रामनगरी क्षेत्र के किसान ज्यादा चिंतित हैं।
जिला मुख्यालय के आसपास क्षेत्र में बारिश की शुरूआत एक सप्ताह पहले हुई थी। ग्रामीण इलाके इससे अछूते रह गए थे। इसके बाद एक दो दिन रुक-रुक कर बारिश हुई थी। इसके बाद से तेज धूप निकलने लगी है। जिससे किसान परेशान हो गए हैं।
किसानों को उम्मीद थी कि जुलाई के पहले सप्ताह तक जोरदार बारिश हो जाएगी। जिससे खेत खलिहानों के साथ ही तालाब, व अन्य जल श्रोत भर जाएंगे पर बारिश नहीं हुई।
मऊ के किसान राजेश त्रिपाठी का कहना है कि भले ही वैज्ञानिक कहे कि इस साल अच्छी बारिश हो पर इस साल मानसून के हालत अधिक खराब हैं। उनके क्षेत्र में तो मात्र बूंदाबांदी ही हुई है।
मानिकपुर के किसान शिव कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिस तरह से अभी बारिश हो रही है, उससे खरीफ की फसल की बुआई करना मुश्किल है। उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो रही। जिला कृषि अधिकारी बसंत दुबे ने बताया कि इस समय तकनीकी यंत्र फेल होने से बारिश का सही आंकड़ा नहीं पता चल रहा है।
उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने से किसान परेशान
- मऊ, बरगढ़, मानिकपुर व रामनगरी क्षेत्र के किसान ज्यादा चिंतित