धर्मनगरी में नानाजी देखमुख ने रखी योग की नीव
:- योग विषय लेना बनाया गया था अनिवार्य
:- ग्रामीण क्षेत्र मेें योग सिखाने के लिए भर्ती किए थे दंपति
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। विख्यात समाज सेवी नानाजी देश मुख योग को बढ़ावा देने के लिए धर्मनगरी में खाले गए महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय में योग की कक्षाएं शुरू की थी। जिसमें छात्र-छात्राओं को इस विषय को लेने लिए अनिवार्य किया गया था। अब भी विश्वविद्यालय में योग की कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
गौरतलब है कि विख्यात नाना जी देश मुख कहा करते थे कि शरीर को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए योग करना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आयुर्वेदिक जड़ी बुटी में महत्वपूर्ण हैं। जिसके लिए जब महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय का उन्हें कुलाधिपति बनाया गया तो उन्होंने योग विभाग खोला था। जिसके तहत योग का विषय लेने के लिए अनिवार्य किया गया था। विश्वविद्यालय पहुंचे वाले छात्र-छात्राओं को सबसे पहले योग करना पड़ता था। इसके बाद अन्य विषय पढ़ना पड़ता था। उन्होंने धर्मनगरी के आसपास के 500 गांवों को विकास के लिए गोद भी लिया था। जहां योग के प्रचार के लिए दंपति रखे गए थे। इसके साथ ही ग्रामीणों के इलाज के लिए दादी मां का बटुआ योजना चलाई थी। जिसमेें ग्रामीणों को घर में विभिन्न जड़ी बूटी घर में रखने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है। आज भी इस विश्वविद्यालय में योग की कक्षाएं चल रही हैं। इस समय योग दिवस नजदीक होने के कारण विवेकानंद सभागार में रोज सुबह शिविर लगता है।
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चल रही योग की कक्षाएं
चित्रकूट। विश्वविद्यालय के रजिस्टर अजय कुमार ने बताया कि आज भी विश्वविद्यालय मे योग की कक्षाएं चलाई जा रही है। जिसके लिए अलग से शिक्षक प्रशिक्षक रखे गए हैं।