दावे की खुली पोल, पांच नए डायरिया पीड़ित भर्ती
:- कुंजनपुरवा में फैले डायरिया का मामला
अमर उजाला ब्यूरो फालोअप
चित्रकूट। डायरिया प्रभावित पुरवा में बीमार लोगों की हालत में सुधार हो न हो लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है जबकि सच्चाई इसके कुछ विपरीत दिखती है। मुख्यालय से सटे कुुंजनपुरवा में फैले डायरिया के प्रकोप का सोमवार को खास सुधार नहीं दिखाई पड़ा। पांच नए मरीज जिला अस्पताल पहुंचे जबकि पुरवा पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दावा किया कि किसी की हालत गंभीर नहीं है।
गौरतलब है कि शनिवार को इस पुरवा के दो दर्जन डायरिया प्र्रभावित लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो पूरे स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया। आनन फानन में सीएमओ स्वास्थ्य टीम लेकर मौके पर पहुंचे और प्रभावित लोगों का इलाज शुरू कराया। पुरवा में एक दर्जन अन्य भी डायरिया पीड़ित मिले थे। दो दिन से पुरवा में स्वास्थ्य टीम ने जाकर प्रभावितों का इलाज कर सोमवार को दावा किया कि अब पुरवा में किसी रोगी को खतरे जैसी संभावना नहीं है। डायरिया पूरी तरह नियंत्रित है। इसके बाद दोपहर को ही इसी पुरवा के पांच अन्य ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए तो स्वास्थ्य टीम के दावे की पोल खुल गई।
जिला अस्पताल में विनय कुमार पुत्र नत्थू और लाली देवी पुत्री शंकर को डायरिया प्रभावित होने पर भर्ती कराया गया है। इसके अलावा भौंरी के कुंजबिहारी पुत्र मौनी और उसके दो साल के पुत्र ओमप्रकाश व 10 साल की पुत्री रूबी को भी भर्ती कराया गया। कुंजबिहारी ने बताया कि वह भी निमंत्रण में दो दिन पूर्व रिश्तेदार के घर कुंजनपुरवा गया था। वहां से लौटने के बाद से परिवार डायरिया से पीड़ित है। दो दिन तक आसपास के डाक्टरों से इलाज कराया इसके बाद अब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
--------इनसेट
स्वच्छ पानी की समस्या
चित्रकूट। पुरवा के रामकेश व लालसिंह ने बताया कि दो दिन से तो पानी भरे व गंदगी वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराया गया लेकिन पहले कभी सफाई कर्मी नहंी आता था। जिससे लगातार गंदगी बढ़ती गई। इसके अलावा कई बार हैंडपंप के प्रदूषित पानी की शिकायत की लेकिन इसे रिबोर कराने का प्रयास नहीं किया गया। पुरवा में स्वच्छ पानी की समस्या है जिसके कारण डायरिया फैला है।