इंजन के पेंटो से सटने के कारण वह हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गया और धू धू कर जलने लगा। व्यक्ति को धू धू कर जलता देख यार्ड में कार्यरत कर्मचारियों ने शोर मचाया गया। हाईवोल्टेज करंट होने के कारण कोई उपर चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल को दी।
कंट्रोल की सूचना पर ओएचई का लाइन काटा गया। इस बीच आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, एसआई सुनील कुमार, आरएन राम, जीआरपी के एसआई संदीप कुमार आदि पहुंच गए। इसके बाद इंजन पर चढ़ कर शव को नीचे उतारा गया। व्यक्ति पूरी तरह जल चुका था। इससे उसकी पहचान नहीं हो सकी।
मृतक आयु 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। सिर पर पगड़ी होने से वह सिख समुदाय का लग रहा था। अनुमान है कि युवक विक्षिप्त रहा होगा और मांग कर खाता होगा। दिन में साढ़े 12 बजे शव को नीचे उतार कर जीआरपी ने पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू की है। दूसरी तरफ रेलवे मामले की जांच शुरू की है।
इस संबंध में जीआरपी पीडीडीयू के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान नहीं हुई है। उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है।