मथेला स्थित मां काली मंदिर पर शुक्रवार शाम रामनवमी पर दो दिवसीय हवन-पूजन के बाद काली मां का शृंगारोत्सव शुरू हुआ। मंदिर परिसर मां काली के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर यहां कुश्ती भी हुई। मंदिर पर हर साल रामनवमी पर दो दिवसीय भव्य पूजन अर्चन होता है। यहां ऐसी मान्यता है कि मां काली घुंघुरुओ की खनक और तबले की थाप पर खुश हो जाती हैं। मां काली के समक्ष नर्तकियों का नृत्य होता है। ऐसा न होने पर गांव में भयंकर आपदा आ जाती है। शाम को कुश्ती का आयोजन हुआ। इसमें दूरदराज से आए पहलवानों ने जोर-आजमाइश की। आरती के पश्चात सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने कहा कि रामनवमी पर वर्षों से परंपरा चली आ रही है। बचपन में जैसी पूजन-अर्चन होती थी, आज भी हो रही है। इस दौरान अध्यक्ष राजेश चौरसिया, दीपक चौरसिया, निखिल त्रिपाठी, बिरंजय मौर्य, पप्पू पासवान, जयश्याम त्रिपाठी रहे।