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Chandauli News: 3 से 5 हजार लेकर बच्चों को बना रहे कामगार

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पीडीडीयू नगर। बिहार और झारखंड में बेरोजगारी ऐसी है कि मां बाप 3 से 5 हजार लेकर नाबालिगों को शहरों में बाल मजदूरी के लिए भेज रहे है। पीडीडीयू मंडल में एक वर्ष में लगभग 900 नाबालिग पकड़े गए। इसमें 121 नाबालिगों को तस्करों से मुक्त कराया गया। इन नाबालिगों को बिहार और झारखंड से गुजरात, सूरत, दिल्ली सहित अन्य शहरों में मजदूरी करने जा रहे थे। मंडल के स्टेशनों पर 36 ट्रैफिकर पकड़े गए हैं।
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आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट के निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि चाइल्ड लाइन के सहयोग से बच्चों को बचाने के लिए रेलवे की ओर से मिशन नन्हें फरिश्ते चलाया जा रहा है। एक जनवरी 2025 से अब तक तक पं. दीनदयाल उपाध्याय, गया, सासाराम, डेहरी ऑन सोन आदि स्टेशनों से घर से भागकर आए 700 से अधिक बच्चे मिले। आरपीएफ पोस्ट पर इनकी काउंसिलिंग की गई। काउंसिलिंग के दौरान अधिकतर नाबालिग मां बाप की डांट से क्षुब्ध होकर घर से भाग कर स्टेशन पर पहुंचे थे।
वहीं ट्रेनों के जरिये गरीब घर के बच्चों को महानगरों में कारखानों में बाल श्रम करने के लिए भी ले जाया जा रहा है। पिछले 10 महीने में आरपीएफ ने एनजीओ के सहयोग से 121 नाबालिगों को मुक्त कराया है। वहीं नाबालिगों को ले जाने वाले 36 तस्करों को पकड़ कर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंपा है। नाबालिगों में 109 लड़के और 12 लड़कियां शामिल हैं। ट्रैफिकरों ने पुलिस को बताया कि अभिभावकों ने 3 से 5 हजार रुपये लेकर अपने बच्चों को काम करने के लिए भेज रहे हैँ। ट्रैफिकरों को बच्चों के बदले कमिशन मिलता है। संवाद
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केस वन-
छह नवंबर को आरपीएफ, सीआईबी, बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने अलग अलग ट्रेनों से 7 नाबालिगों को पकड़ा। इस दौरान दो ट्रैफिकर गिरफ्तार हुए । पकड़े गए एक ट्रैफिकर बिहार के चार बच्चों को जामनगर गुजरात साफ सफाई कराने जबकि दूसरा ट्रैफिकर झारखंड के तीन बच्चों को जयपुर में चूड़ी में नगीना लगाने के लिए ले जा रहा था। दोनों ने बताया कि उन्होंने बच्चों के बदले अभिभावकों को पैसे दिए हैं और इन्हें कमिशन मिलेगा।

केस-2
आरपीएफ, बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने 14 अक्तूबर को अप ओखा एक्सप्रेस ट्रेन से अहमदाबाद कपड़ा फैक्टरी में काम करने जा रहे 8 नाबालिगों पीडीडीयू जंक्शन पर उतारा। सभी पश्चिम बंगाल से अहमदाबाद जा रहे थे। सभी नाबालिगों ने बताया कि वे घर पर बिना बताए स्वेच्छा से अहमदाबाद कपड़े की फैक्ट्री में काम करने जा रहे हैं।


कोट-
ट्रेनों से बाल तस्करी नहीं होने दी जाएगी। बच्चों को नौकरी का लालच देकर बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ आपरेशन आहट चलाया जा रहा है। वहीं घर से बाहर कर आए बच्चों को घर तक पहुंचाने के लिए आपरेशन नन्हें फरिश्ते चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से लगातार बच्चों को विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से पकड़ कर चाइल्ड लाइन की सहायता से उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है।
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जेथिन बी राज, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, पीडीडीयू मंडल
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