चंदौली जिले के एक निजी चिकित्सालय के डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह शिकायत की जांच करने पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव का हाथ पकड़ते और पुलिसकर्मियों से हाथापाई करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दरअसल मामला 18 दिसंबर का बताया जा रहा है। उस दिन चंदौली जिले में निरीक्षण के लिए आईं महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव से एक महिला ने शिकायत की थी कि वह कई दिनों से निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए आ रही है, लेकिन डॉक्टर द्वारा ठीक से देखा नहीं जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी सैकड़ों महिलाएं हैं, जो अस्पताल की अव्यवस्थाओं के कारण परेशान हैं।
शिकायत मिलने के बाद महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव संबंधित निजी चिकित्सालय में जांच के लिए पहुंचीं। उनके वहां से निकलने के बाद डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी, मरीजों और समर्थकों सहित करीब 150 लोग चंदौली कोतवाली पहुंचे और हंगामा करने लगे। डॉक्टर ने महिला आयोग की सदस्य पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
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हालांकि देर रात तक चले घटनाक्रम के बाद मामला शांत हो गया, लेकिन अगले दिन पुलिस ने डॉक्टर सहित 150 से अधिक लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। उस दिन अस्पताल में क्या हुआ था, इससे जुड़ा वीडियो 29 दिसंबर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी को महिला आयोग की सदस्य का हाथ पकड़ते और पुलिसकर्मियों से उलझते हुए देखा जा रहा है। वहीं इस पूरे मामले पर डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि जिस घटना को लेकर वीडियो वायरल किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी और उस घटना को वह स्वयं और महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव भी भूल चुके हैं। इसके बावजूद पुराने वीडियो क्लिप को बार-बार वायरल कर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।