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रेल पटरी के सहारे पैदल ही बिहार के लिए चल पड़े मजदूर

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पीडीडीयू नगर। देश में लाकडाउन की वजह से बाहर रहकर रोजी रोटी कमाने वालों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। इससे निपटने के लिए वे एक से बढ़कर एक कदम उठा रहे। केरल से घर जाने के लिए निकले मजदूर बुधवार की रात पैदल ही रेल पटरी के सहारे बिहार के समस्तीपुर के लिए चल दिए। भूखे प्यासे और पैदल चलकर बेहाल हो चुके मजदूरों की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कुचमन रेलवे स्टेशन के समीप रोका और भोजन कराने के बाद स्वास्थ्य परीक्षण कराया और गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन की व्यवस्था की।
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बिहार के समस्तीपुर के रहवासी 16 युवक केरल में रहकर मजदूरी करते हैं। कोरोना महामारी के फैलाव को रोकने के उद्देश्य से संस्थानों को बंद किए जाने के बाद वे सभी 21 जनवरी को ट्रेन से झांसी पहुंचे और वहां से मालवाहक पिकअप से वाराणसी पहुंचे। यहां जनता कर्फ्यू और दो दिनों का लाक डाउन होने की वजह से वे फंस गए। तीन दिनों तक फंसे रहने के वजह से पैसे खत्म हो गए और भूखे प्यासे हो गए। कोई उपाय न होने की वजह से बुधवार की रात वे वाराणसी से पैदल ही रेल पटरी के सहारे बिहार के लिए चल दिए। समूह की संख्या में रेल पटरी पर चलते देख कर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एसपी के निर्देश पर सीओ सदर कुंअर प्रभात सिंह और अलीनगर थानाध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी ने खोजबीन शुरू की। कुचमन के समीप 16 मजदूर पैदल चलते हुए दिखे तो सभी को रोक लिया गया। सभी मजदूर घायल भी हो गए थे। पुलिस ने सभी को भोजन कराया और उसके बाद चिकित्सा परीक्षण करने के बाद उचित वाहन की व्यवस्था कर गंतव्य तक पहुंचने की व्यवस्था की।
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