अलीनगर थाना अंतर्गत डीजल कालोनी से सटे परशुरामपुर गांव में गुरुवार को नशे में धुत होकर मारपीट में एक की मौत के बाद महिलाओं ने शनिवार को शराब की दुकान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
ग्रामीणों ने शराब की दुकानों में तोड़फोड़ की और शराब को सड़क पर बहा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उधर, नाराजग ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शराब की दुकान पर अंकुश नहीं लगाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में शराब की तीन दुकानें संचालित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन दूकानों पर सुबह से देर रात तक शराबियों का जमावड़ा रहता है।
गुरुवार की रात ही गांव में शराब के नशे में धुत होकर दो दोस्तों के बीच मारपीट हो गई। इस घटना में एक अधेड़ की मौत हो गई थी। गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को चंदौली में चक्का जामकर दिया था।
क्षेत्र में नशे की वजह से आए दिन हो रही मारपीट की घटनाओं को देखते हुए शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने शराब की दुकान पर धावा बोल दिया। सुबह नौ बजे महिलाओं और युवाओं ने दूकानदारों को भगा दिया
और शराब की बोतलें निकाल कर सड़क पर फेंकनी शुरू कर दीं। इससे गांव में हड़कंप मच गया। लोगों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीणों के उग्र तेवर को देख कर उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
गुस्साए ग्रामीणों ने शराब की दुकान के साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पुलिस की शह पर ही खुलेआम शराब की दुकानें संचालित हो रही है।
मारपीट और महिलाओं से छेड़खानी की घटनाएं आम हो गई हैं। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शराब की दूकाने बंद नहीं कराई गई तो ग्रामीण जोरदार आंदोलन करेंगे।
इस संबंध में अलीनगर थानाध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि शराब का ठेका सरकारी है और दूकानें कहां चलेंगी कहां नहीं यह निर्णय आबकारी विभाग करेगा। कहा कि महिलाएं किसी के बहकावे में आकर सड़क पर उतरी हैं।
पूरे मामले की जांच की जा रही है। दूकान को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।