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Chandauli News: कर्मनाशा में पानी ज्यादा हुई पानी तो बंद किए गए पंप कैनाल

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कंदवा। कर्मनाशा का जलस्तर बढ़ने के बाद लगे लिफ्ट कैनालों को बंद करने से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। एक सप्ताह पहले तक कर्मनाशा नदी सूख गई थी और जगह-जगह पानी की एक पतली धार दिख रही थी। पानी के अभाव में धान की रोपनी बाधित थी।
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रोपी धान की फसल भी सूखने के कगार पर पहुंच गई थी। लेकिन कर्मनाशा नदी में बांधों का पानी छोड़े जाने के कारण कर्मनाशा नदी उफान पर आ गई है। जिससे लिफ्ट कैनालों को बचाने के लिए आपूर्ति पाइप को लिफ्ट कैनाल से खोल दिया है। जिससे लिफ्ट कैनाल बंद हो गए हैं। इससे किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई। ककरैत के सतीश राय ने कहा कि पहले पानी के अभाव में लिफ्ट कैनाल बंद थे और अब कर्मनाशा में पानी बढ़ने से बंद हैं। जिससे रोपाई नहीं हो पा रहा है। अदसड़ के भानू प्रताप ने कहा कि किसान भगवान इंद्र की तरफ टकटकी लगाए हैं। पहले पानी के अभाव में लिफ्ट कैनाल बंद थे अब ज्यादा पानी के चलते बंद हैं। अधिकांश किसानों की रोपनी भी नहीं हो सकी है। करौती के अजय पांडेय ने कहा कि नदी अभी उफान पर है। इसके चलते लिफ्ट कैनाल बंद हैं। इसके चलते रोपाई और सिंचाई का कार्य ठप है। कभी पानी न होने तो कभी पानी ज्यादा होने से लिफ्ट कैनाल बंद हो जा रहे हैं। इस कमी को दूर करने की जरूरत है। चिरई गांव के मृत्युंजय नागवंशी ने कहा कि पहले बारिश न होने और पानी की कमी के कारण लिफ्ट कैनाल बंद थे। जिससे रोपनी बाधित थी और रोपे गये पौधे भी सूख रहे थे। किसान प्रकृति से आस लगाए हुए थे। अब नदी में ज्यादा पानी के चलते लिफ्ट कैनाल ठप हैं। जिससे कृषि कार्य पिछड़ रहा है।

कोट-
नदी के जलस्तर में अचानक काफी वृद्धि हो गई है। इससे फिलहाल कैनाल की पाइप खोल दी गई है। जल स्तर घटने पर पंप को नियमित चलाया जाएगा।
सुनील यादव, जेई, लघुडाल विभाग



कर्मनाशा के जल स्तर बढ़ने से डूबे शौर्य वन के पौधे
सचित्र-10
कंदवा। कर्मनाशा नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने से मां भारती के चरणों में अपने प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानी जवानों के सम्मान में ओयर चक गांव में लगा ''शौर्य वन'' भी जलमग्न हो गया है। ग्राम प्रधान जयशंकर सिंह ने यह जानकारी दी। ओयरचक गांव में देश पर बलिदान होने वाले जवानों के नाम पर ''शौर्य वन'' में 1000 पौधे लगाए गए थे। शनिवार को कर्मनाशा नदी में आए उफान से पानी ओयरचक तक पहुंच गया और बलिदानी जवानों के नाम पर ''शौर्य वन'' में लगे सभी पौधे डूब गए।
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