पीडीडीयू नगर। साइबर ठगी रोकने के लिए एक तरफ जहां पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। वहीं दूसरी तरफ साइबर ठग नित नए तरीके अपनाकर लोगों के खातों से रुपये उड़ा रहे हैं। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के काली महाल निवासी बिजली मिस्त्री व उसकी पत्नी के खाते से साइबर ठगों ने 1,10,500 रुपये उस वक्त उड़ा दिए जब वह बनारस में किसी चिकित्सक के यहां फोन से नंबर लगाने का प्रयास कर रहा था। पीड़ित ने साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के काली महाल निवासी रामू गुप्ता पेशे से बिजली मिस्त्री है। रामू ने बताया कि बनारस स्थित एक चिकित्सक के यहां उनके भांजे का उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान चिकित्सक ने बनारस के ही एक अन्य डॉक्टर से विशेष सलाह लिए जाने का सुझाव देते हुए उन्हें वहां के डॉक्टर का फोन नंबर दिया। रामू ने बताया कि उनके भांजे ने चिकित्सक को दिखाने के लिए दिए नंबर पर फोन मिलाकर वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्हें वहां से दूसरा नंबर दिया गया। इसके बाद उनके भांजे ने दूसरे नंबर पर फोन मिलाया तो वहां एक व्यक्ति ने बताया कि डॉक्टर का नंबर लगाने के लिए पांच रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने हाेंगे। इसके लिए उस व्यक्ति की ओर से मरीज को एक मैसेज भेजा गया। किन्हीं कारणों से मरीज पांच रुपये नहीं भेज पाया। इसके बाद उसने अपने मामा रामू गुप्ता से नंबर लगाने के लिए बताई गई प्रक्रिया के अुनसार पांच रुपये ऑनलाइन भेजने को कहा। रामू ने अपने मोबाइल से पांच रुपये उसी नंबर पर 14 फरवरी को यूपीआई के जरीये भेज दिया।
इसके बाद 15 फरवरी को रामू गुप्ता के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने उसे मोबाइल नंबर वाले मैसेजे को उसे वापस भेजने की बात कही। रामू ने मैसेज को उसे भेज दिया। बताया कि इसके बाद उसके खाते से 94,000 रुपये व उसकी मोबाइल नंबर से लिंक उसके पत्नी के खाते से 16,500 रुपये चंद मिनटों में गायब हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की। दूसरी तरफ साइबर सेल मामले की छानबीन में जुट गई है।