बबुरी। भौंरही नरहन मैढ़ी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय कथा और कृष्ण जन्माष्टमी समारोह के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि भगवान से जुड़ने पर खामी भी विशेषता बन जाती है। इसके पहले चकिया के भाजपा विधायक कैलाश आचार्य ने पोथी पूजन किया। जनाबाई के प्रसंग का वर्णन करते हुए शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि व्यक्ति कार्य करते हुए हरि संकीर्तन करे तो उसकी साधना से निर्जीव भी चैतन्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार भक्तों को प्रेम देने और उनकी रक्षा के लिए होता है। सच्चे मन से की गई पुकार भगवान तक अवश्य पहुंचती है।
भक्त प्रहलाद की कथा के माध्यम से उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में संस्कार और ईश्वर के प्रति विश्वास विकसित करने का आह्वान किया। कहा कि कर्म करते हुए व्यक्ति हार भी जाए तो भगवान की कृपा की आस उसे संभाल सकती है। परिवार में धर्म और संस्कार का वातावरण बनाने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कथा के बीच कन्हैया को एक रोज रोकर पुकारा..., श्री बांके बिहारी लाल गोपाल... और बरसाने में बंगला देखा... जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते और जयकारे लगाते रहे। मानस मयूरी ने कथा के प्रभाव को समझाते हुए कहा कि व्यक्ति पंडाल में सामान्य भाव से प्रवेश करता है, लेकिन कथा श्रवण के बाद भगवत कृपा का पात्र बनकर निकलता है। संवाद