पीडीडीयू नगर/टांडाकला। मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बुधवार को बूंदाबांदी के बाद बादल थे। वहीं, धूप-छांव के बीच पुरवा से पछुआ हवाएं चलती रहीं। इससे अधिकतम तापमान तीन तो न्यूनतम एक डिग्री लुढ़क गया और फिर से फिर से गलन बढ़ गई। अधिकतम 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दो दिनों से चल रहीं पछुआ हवाओं से लगातार पारा गिर रहा है। साथ ही गलन भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पछुआ हवाओं की रफ्तार तेज हो गई। हवा के कारण सुबह आठ बजे तक कोहरा छंट गया था लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही। सूर्य निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। दोपहर में तेज धूप निकली लेकिन शाम होते ही फिर से पछुआ हवाओं ने गलन बढ़ा दी।
वहीं, किसान रामवृक्ष मौर्य ने बताया कि गेहूं के लिए पछुआ हवा और कोहरा बेहद फायदेमंद है लेकिन बादल छाने से सरसों और दलहन की फसलों में फूल लग रहे हैं, उनको नुकसान हो सकता है। यदि बारिश नहीं हुई तो इन फसलों में माहू लगने का खतरा है। इसके अलावा आलू की फसल में पाला लगने का खतरा बढ़ गया है। कहा कि अगर इस समय हल्की बारिश हुई तो वह गेहूं के लिए अमृत समान होगी और सरसों की फसल से माहू धुल जाएगी। कीट के प्रकोप को देखते हुए किसान कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि बारिश न हुई तो पैदावार प्रभावित हो सकती है। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में मौसम शुष्क रहेगा लेकिन कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छा सकता है।