पीडीडीयू नगर। देश में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के खिलाफ लोकतंत्र की बहाली के लिए नगर निवासी हरवंश सिंह ने 18 माह तक जेल की यातनाएं सही। आज भी उस समय की स्थिति को याद करते हुए बुजुर्ग हरवंश सिंह का रोम रोम सिहर उठता है। शुक्रवार को नगर के रिक्शा और ईक्का स्टैंड पर लोकतंत्र सेनानी हरवंश सिंह को सम्मानित किया गया।
आपातकाल को याद करते हुए हरवंश सिंह बताते हैं कि 25 जून 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल घोषित किया था। इसके खिलाफ पूरे देश में असंतोष बढ़ गया। जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में पूरे देश का नौजवान छात्र सड़कों पर उतर आया। इंदिरा गांधी ने सभी विरोधी दल के नेताओं को जेलों में बंद कर दिया। चंदौली और वाराणसी संयुक्त जिले में हरवंश सिंह पहले मीसा बंदी रहे। 18 महीने की कठिन जेल की यातना के बाद वे छूटे और इमरजेंसी के बाद 1977 में चुनाव हुआ। नगर के इक्का स्टैंड पर सम्मान समारोह में लोकतंत्र सेनानी हरवंश सिंह को अंगवस्त्रम पहना कर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया इस मौके पर इंद्रजीत शर्मा, मेवालाल गुप्ता, भागवत नारायण चौरसिया, कयामुद्दीन अंसारी, श्रवण कुमार रहे।