फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: पानी ने छोड़ा चंद्रप्रभा बांध का तट, गेहूं की फसल पर सूखे की संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
चकिया। क्षेत्र के 15 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करने वाले चंद्रप्रभा बांध के तट से पानी नीचे खिसक चुका है। इससे गेहूं की फसल पर सूखे का संकट मंडरा रहा है। बांध के सिंचाई स्लूज गेट से पिछले एक वर्ष से पानी का रिसाव हो रहा है। इससे बांध का पानी नदी में बह जा रहा है। किसान सिंचाई के लिए निजी संसाधनों पर पूरी तरह निर्भर होने को विवश हैं।
विज्ञापन

चंद्रप्रभा बांध में मानसून सत्र के दूसरे चरण में अच्छी बरसात होने से पर्याप्त पानी था। अगस्त माह में बांध का जलस्तर 756 फीट तक पहुंच गया था जबकि बांध का जीरो लेवल 727 फीट है। खरीद के सत्र में धान की सिंचाई के लिए बरसात केसाथ बांध के पानी ने भी किसानों का साथ दिया लेकिन वर्ष भर से बांध के सिंचाई स्लूज गेट से 50 क्यूसेक पानी अनवरत डिस्चार्ज होने से दिसंबर के आते-आते बांध पूरी तरह जीरो हो गया है।
इससे बांध के पानी पर आश्रित हजारों किसानों के सामने गेहूं की सिंचाई की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। क्षेत्रीय किसान व पूर्व ब्लॉक प्रमुख बच्चन सिंह, भाकियू के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल, विजय त्रिपाठी, प्रभातपटेल, अनिल सिंह पटेल, सुभाष मौर्य, चंद्रशेखर पटेल आदि ने कहा कि सिंचाई स्लूज गेट से रिसाव के कारण पहले भी खेतों की रोपाई नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन

चंद्रप्रभा बांध का सिंचाई स्लूज गेट खोलने के बाद बंद करने के दौरान एक वर्ष पूर्व ही टेढ़ा हो गया था। अधिकारियों के लाख प्रयास के बावजूद उसे सीधा नहीं किया जा सका है। विभाग ने कई प्राइवेट इंजीनियरिंग कंपनियों और लोकल पेशेवर मैकेनिकल के जरिए गेट को ठीक कराने का प्रयास किया लेकिन बांध के टेढ़ा हो चुके सिंचाई स्लूज गेट को ठीक नहीं किया जा सका। इससे बांध में पानी नहीं बचा है। हालांकि अभी पानी कम होने से स्लूज गेट की मरम्मत आसानी से हो सकती है। लेकिन अधिकारियों का इस पर ध्यान नहीं है।
चंद्रप्रभा बांध के स्लूज गेट सहित अन्य मरम्मत कार्य के लिए विशेष प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति व धन मिलते ही कार्य आरंभ करा दिए जाएंगे। सर्वेशचंद्र सिन्हा, एक्सईएन, चंद्रप्रभा प्रखंड।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें