तहसील क्षेत्र के रैथा गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को गांव के कोटेदार की मनमानी के खिलाफ तहसील गेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कोटेदार के द्वारा अनाज वितरण में घोर लापरवाही की जाती है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को कोटेदार की मनमानी का जिम्मेदार ठहराया।
रैथा गांव के रामजन्म राम ने बीते माह तहसील दिवस में शिकायत किया था गांव के कोटेदार की जगह कुछ दूसरे लोग सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को चलाते हैं। और मनमाने तरीके से वितरण व ज्यादा मूल्य वसूलते हैं। शिकायत के बाद अधिकारियों ने आपूर्ति विभाग को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण जांच सिर्फ हवा-हवाई ही होकर रह गई। जिससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील गेट पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। और शिकायती प्रार्थनापत्र उपजिलाधिकारी जवाहर लाल श्रीवास्तव को दिया। जिसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव के कोटेदार के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जायेगी।
ग्रामीणों ने बताया कि जनवरी माह में मिटृी के तेल का वितरण नहीं किया गया और दबंगों के द्वारा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर तेल को बेच दिया गया। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर शीघ्र ही कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगें। इस विरोध प्रदर्शन में रामाश्रय राम, लालमन राय, संतोष कुमार, हरिकेश, महेन्द्र, रमेश कुमार, रामउग्रह, विनय कुमार, राधेश्याम व सीता राम आदि उपस्थित रहे।