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Chandauli News: दाल में फफूंद देख ग्रामीणों ने किया हंगामा

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पीडीडीयू नगर। क्षेत्र के दुलहीपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को वितरित किए जा रहे पोषाहार के पैकेट की दाल में फफूंद लगी देख मंगलवार को ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुष्टाहार में जो दाल दी जा रही है, वह खाने योग्य नहीं है। उनमें फफूंद लगी है और आधी दाल काली हो गई है। मामले की सूचना पाकर पहुंचे एसडीएम अविनाश कुमार ने बताया कि इसकी जांच कार्यक्रम अधिकारी को सौंप दी गई है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। नियामताबाद विकास खंड क्षेत्र के अलग-अलग गांव में दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्र स्थित हैं। जिन्हें संचालित करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं नियुक्त हैं। इन केन्द्रों पर कुल सैकड़ों बच्चे पंजीकृत हैं। जिनमें 6 माह से 3 वर्ष तक के, और 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चे एवं गर्भवती (धात्री) शामिल हैं। इनमें गर्भवती (धात्री) को 1.5 किग्रा दलिया, 1 किग्रा चना दाल, 500 एमएल कुकिंग तेल दिया जाता है। जबकि 7 माह से 3 वर्ष के बच्चों के लिए एक एक किलोग्राम दलिया, व चना दाल, और 500 एमएल कुकिंग तेल तथा 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को 500-500 ग्राम दलिया और चना दाल देने का प्राविधान है। लेकिन अबकी बार वितरण के लिए जो चना दाल का पैकेट आया है, उसमें की आधी दाल खराब है। दाल न केवल काली पड़ गई है बल्कि उसमें फफूंद लग गई है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की मंशा पर कौन पानी फेर रहा है। उनमें बंटने वाले पुष्टाहार की गुणवत्ता खराब है तो फिर उससे उनके स्वास्थ्य को कैसे ठीक रखा जा सकता है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) नंदनी शुक्ला का कहना है कि बंद पैकेट वितरित किया गया था इससे जानकारी नहीं हो पाई। जानकारी होने पर वापस कर लिया गया है जल्द ही दूसरा दाल का पैकेट वितरित किया जाएगा।
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