ताराजीवनपुर। भारतमाला परियोजना से विस्थापित हो रही रेवसा गांव के ग्रामीणों का धरना आज 13वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों को समझाने गए अधिकारियों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित ग्रामीणों को स्थापित करने, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू करने, परियोजना से प्रभावित परिवारों को जमीन के बदले जमीन का पट्टा देने, प्रभावित परिवारों का बिजली बिल, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की ओर से दिया गया कर्ज माफ किया जाए। आंदोलन बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा चल रहा है। इस दौरान ग्रामीणों को समझाने पहुंचे एसडीएम अनुपम मिश्रा, तहसीलदार राहुल सिंह, इंस्पेक्टर रमेश यादव को खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे, अधिकारियों की बात नहीं सुनी।
रेवसा बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष, छात्र नेता अभिषेक ने कहा कि सैकड़ों सालों से बसी हुई रेवसा बस्ती को विकास के नाम पर बिना पुनर्स्थापित किए उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। यह भूमि अधिग्रहण कानून का उल्लंघन है। रेवसा गांव में जमीन की कीमत आसमान छू रही है जिसे छीनकर प्रशासन औने-पौने दाम देना चाहता है।
इसके खिलाफ रेवसा की गरीब जनता पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठी है। चेताया कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगी। वहीं अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सहसचिव संजय यादव ने कहा कि उपजाऊ भूमि के बदले कृषि योग्य जमीन का ही पट्टा दिया जाना उचित होगा, ताकि गरीब जनता का जीविकोपार्जन हो सके। इस मौके पर केदार यादव, इंद्रजीत शर्मा, महेंद्र, शमीम मिल्की, रामदुलार बिंद, तूफानी गोंड, दीपक, सोमनाथ, सुरेंद्र प्रसाद, राधेश्याम, कलवी, सुशीला, सितारा, ममता आदि रहे।