चंदौली जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। उसे गंभीर हालत में वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
चंदौली जिले में शहाबगंज थाना क्षेत्र के उदयपुरा गांव निवासी ग्राम प्रधान के पुत्र उत्कर्ष की संदिग्ध परिस्थितियों में कथित तौर पर खुद को गोली मारने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। उत्कर्ष की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
उत्कर्ष को सीने के बाईं तरफ गोली लगी थी। घटना के तुरंत बाद परिजन बेहद गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। हालांकि, चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
उत्कर्ष की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक छा गया और उनके आवास पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। उत्कर्ष अपने पीछे पत्नी छाया सिंह (28 वर्ष), छह वर्षीय पुत्री देवकी सिंह और डेढ़ वर्षीय मासूम पुत्र राम को छोड़ गए हैं। पिता की असमय मौत के बाद अबोध बच्चों और पत्नी की हालत देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि उत्कर्ष ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। फिलहाल घटना के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति और वजह साफ हो सकेगी।