गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों ने भी बसों और विभिन्न साधनों से स्कूल आना जाना शुरू कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिले के उप संभागीय परिहवन अधिकारी ने एक जुलाई से सात जुलाई तक स्कूली वाहनो की विशेष जांच की जाएगी। विभाग की ओर से स्कूली वाहनों को 25 बिंदुओं की कसौटी पर कसा जाएगा।
स्कूली वाहनों की स्थिति मानकों के विपरीत मिलने पर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में छोटे-बडे वाहन मिलाकर कुल 676 स्कूली वाहन पंजीकृत है। पिछले दिनों स्कूली बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने के कई मामले सामने आये थे।
घटना के बाद एआरटीओ की ओर सेजब बसों की जांच की गई तो उनमें से कईयों का रजिस्ट्रेशन फेल मिला। इसके विभाग की ओर स्कूली वाहनों को नोटिस भेजा गया। नोटिस के बाद भी स्कूल प्रबंधक की ओर से वाहनों की फिटनेस नहीं कराई तो विभाग ने 72 वाहनों का पंजीयन रद्द कर दिया।
स्कूलों में नए सत्र की शुुरुआत होने बाद एक बार फिर से एआरटीओ की ओर से विशेष अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की जांच की जाएंगी। इसमें स्कूली वाहनों के रंग, आपातकालीन निवासी, फर्स्ट एड बाॅक्स, वाहनों के दरवाजों की स्थिति, होल्डिंग रॉड, आपातकालीन स्थिति में प्रयोग किये जाने के लिए अलार्म या सायरन,समेत 25 बिंदुओं की जांच की जाएगी।
कई स्कूली वाहनों के पास नहीं हैं फिटनेस प्रमाण पत्र
जिले के उप संभागीय परिवहन विभाग में दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल 676 स्कूल वाहन पंजीकृत है। इसमें छोटी और बड़ी स्कूल बसें शामिल हैं। इनमें से 52 स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र की मियाद समाप्त हो चुकी है। वहीं, 40 स्कूली वाहनों की आरसी निलंबित कर दी गई है। स्कूल खुले चुके हैं, इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन वाहनों की फिटनेस को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
एक जुलाई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूली वाहनों में सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों को देखा जाएगा। अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सर्वेश गौतम,एआरटीओ प्रशासन, चंदौली