जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट की दो वर्ष से तैनाती न होने से लोगों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नियुक्ति के लिए भाजपा विधायक कैलाश खरवार आचार्य ने विधानसभा में मामले को प्राथमिकता से उठाया है और स्वास्थ्य निदेशालय को भी पत्र लिखा था लेकिन नतीजा सिफर रहा। इससे नागरिकों में रोष है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में 400 से 500 मरीज आते हैं। जहां चिकित्सकों को बिना जांच के दवाएं देने में काफी परेशानी होती है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए चिकित्सालय में तीन वर्ष पूर्व अल्ट्रासाउंड कक्ष का निर्माण कर उसमें लाखों रुपए के खर्च में आधुनिक तरीके की अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई थी। कुछ दिन तक निशुल्क अल्ट्रासाउंड का सीधा लाभ अस्पताल जाने वाले मरीजों को मिल रहा था। लेकिन दो वर्ष पहले अल्ट्रासाउंड के रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हो जाने के बाद चिकित्सालय में किसी और रेडियोलोजिस्ट की तैनाती अब तक नहीं हो पाई है। जिससे चिकित्सालय पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से प्राइवेट जांच घर से अल्ट्रासाउंड महंगी जांच कराने की मजबूरी बनी है।