चंदौली जिले की सदर कोतवाली पुलिस ने रविवार को नगर के बिछिया खुर्द के पास सर्विस रोड से रक्त के दो धंधेबाजों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपियों के पास से दो पैकेट खून भी बरामद हुए। मामले के तार मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल से जुड़े हैं। एसडीएम, सीओ और एसीएमओ ने जांच-पड़ताल के बाद अस्पताल को सील कर दिया। मरीजों को जिला चिकित्सालय में शिफ्ट करा दिया गया है।
पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग निजी अस्पताल संचालक के संरक्षण में रक्त की धंधा कर रहे हैं। सूचना पर चौकी प्रभारी मनोज पांडेय हमराहियों के साथ मुख्यालय के बिछिया खुर्द के पास सर्विस रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद दो लोग बैग लेकर पैदल आते दिखे। पुलिसकर्मियों ने उनकी तलाशी ली तो रक्त से भरे दो छोटे बैग बरामद हुए। उनकी पहचान क्षेत्र के हथियानी गांव निवासी भानुप्रताप और बबुरी थाना क्षेत्र के गोरारी गांव निवासी बब्बू के रूप में हुई।
पुलिस को बताया कि लोगों को झांसा देकर मुख्यालय स्थित स्वास्तिक अस्पताल ले जाते हैं। यहां लोगों का खून निकाला जाता है। आरोपी रक्त को अस्पताल और मोहनियां स्थित पैथालाजी सेंटर को बेच देते हैं। सूचना पर सदर एसडीएम विजयनारायण सिंह, एसीएमओ डा. डीके सिंह, सीओ कुंवर प्रभात सिंह व कोतवाल गोपाल गुप्ता ने अस्पताल पर छापा मारा।
एसडीएम विजय नारायन सिंह ने बताया कि जांच के दौरान निजी चिकित्सालय के संचालक और चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हुई है। एसीएमओ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि स्वास्तिक अस्पताल में गड़बड़ी की शिकायत पर छापा मारा गया था। वहां अस्पताल प्रबंधन पूरे कागजात नहीं दिखा सके। अस्पताल सील कर मरीजों को जिला अस्पताल शिफ्ट करा दिया गया।