मकान गिरने के बाद मलबा देखते लोग
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चंदौली शहाबगंज क्षेत्र के हड़ौरा गांव में सोमवार की शाम को हुई तेज बारिश में भीगने के कारण तुफानी राम और कविंदर के कच्चे मकान मंगलवार की सुबह भरभरा कर गिर गए। इस घटना में मकान में सोए चार लोग दब गए। इस घटना से मौके पर अफरा तफरी मच गई। शोर सुनकर एकत्र गामीणों ने मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला और इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया। यहां उनकी हालत गंभीर देख सभी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
गांव निवासी तुफानी राम और कविंदर परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। सोमवार को तेज बारिश हुई। इससे मकान की दीवार भीग गई। रात में तुफानी और कविंदर अपने-अपने घर में परिवार के साथ सो गए। मंगलवार की सुबह मकान की दीवार गिरने लगी। यह देख कर कविंदर और तुफानी किसी तरह बाहर भागे लेकिन मंशा देवी (40), सोनम कुमारी (14), दुर्गावती (30) और पूजा (25) मलबे में दब गए। यह देख कर परिवार के अन्य सदस्यों ने शोर मचाया।
शोर सुनकर एकत्र ग्रामीणों ने मशक्कत कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहाबगंज ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने चारों घायलों को वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर भेज दिया।
हादसे के कारण दोनों परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उनके पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश की वजह से उनकी स्थिति और दयनीय हो गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद नायब तहसीलदार आरिफ राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गिर चुके मकानों का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गरीबों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा और आवश्यक राहत पहुंचाई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे मकानों की स्थिति बेहद खराब है। प्रधान प्रतिनिधि नित्यानंद खरवार ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत, आवास और आर्थिक मदद प्रदान की जाए। क्षेत्र में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।