चकिया, चंदौली। बिना लाइसेंस के चल रहे अस्पताल के खिलाफ शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। एक अस्पताल में बिना चिकित्सक के ही एनआईसीयू में नवजात भर्ती मिला। वहीं एक क्लीनिक में आयुष पद्धति के चिकित्सक एलौपैथिक दवा मरीजों को देते मिले। दोनों अस्पतालों को सीज कर दिया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी युगल किशोर राय के निर्देश पर पीएचसी के प्रभारी डाॅ. विकास सिन्हा और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने जिला संयुक्त चिकित्सालय के पीछे वार्ड-4 कवि नगर में संचालित सर्वेश्वरी हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर पर छापा मारा। इसमें हॉस्पिटल बगैर चिकित्सक के संचालित होता हुआ मिला। जांच टीम उस समय हैरान हुई जब हॉस्पिटल के एनआईसीयू में दो नवजात शिशुओं का इलाज किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की अनुपस्थिति में नेचुरोथिरेपी डिग्री हासिल किए कर्मचारी के सहारे होता मिला। हालांकि कर्मचारी मौका पाकर फरार हो गये। टीम ने दोनों नवजात शिशुओं को 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा से चंदौली स्थित जिला चिकित्सालय को रेफर कर हॉस्पिटल को सीज कर दिया। दूसरी छापेमारी में नगर पंचायत के विभूति नगर स्थित मछली मंडी के पास इकरामुद्दीन क्लीनिक पर की गई। जांच में क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन आयुष पद्धति का पाया गया। मौजूद मरीजों को दवा एलोपैथ की दी गई थी। एलोपैथ का रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर टीम ने क्लीनिक को सीज करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम में विजय कुमार मौर्य, संगम कुशवाहा, राघवेंद्र तिवारी, अखिलेश कुमार सहित कोतवाली पुलिस मौजूद रही।
कोट
बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे चिकित्सालय व पैथोलॉजी सेंटरों के जांच का अभियान चलता रहेगा। जो दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. विकास सिन्हा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी