पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह नगर स्थित मछली मंडी से प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के साथ दो लोगों को पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें कोतवाली ले आई । जहां दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया। पकड़े गए दोनों लोगों के संबंध मुख्तार अंसारी गैंग सक्रिय सदस्य सलीम के साथ का बताया जा रहा है। दोनों लोग उसकी मदद से ही प्रतिबंधित मछली का कारोबार करते थे। पुलिस अब मुख्तार से इनके कनेक्शन को भी खंगालने में जुट गई है।
पिछले दिनों वाराणसी जिले की कैंट थाने की पुलिस ने मुख्तार अंसारी गैैंग के सक्रिय सदस्य सलीम को गिरफ्तार किया गया था। वह पूर्वांचल में प्रतिबंधित थाई मांगूर मछली का कारोबार करता था। इस कारोबार से होने वाले मुनाफे का बड़ा हिस्सा मुख्तार अंसारी को जाता था। यह मछली कोलकाता से पीडीडीयू नगर होते हुए वाराणसी और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में जाती है। सीओ सदर कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि सलीम से पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि पीडीडीयू नगर में दो लोग उसके लिए यह कारोबार करते हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मछली मंडी में छापा मार कर कसाब महाल निवासी अकबर अली व गिधौली निवासी निजामुद्दीन को पकड़ लिया। इनके पास से पुलिस ने 120 किलो प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली बरामद हुई। इसके बाद पुलिस दोनों को पकड़कर कोतवाली ले आई जहां दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इस दौरान टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा, एसआई सत्येंद्र विक्रम सिंह, विपिन सिंह, कांस्टेबल प्रहलाद सिंह, प्रीतम बिंद मौजूद रहे।
पीडीडीयू नगर। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने जनवरी माह में इस बात के निर्देश जारी किए थे कि प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली का जहां भी कारोबार या फिर पालन हो रहा है उसपर कार्रवाई करते हुए उसे नष्ट करे। ऐसे में सवाल इस बात का है जिले में बैठे मत्स्य विभाग के अधिकारियों को प्रतिबंधित मछली के कारोबार की भनक क्यों नहीं लग सकी। जबकि इतने बड़े पैमाने में यह मछली मंडी में बिक्री के लिए आती थी। बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल जाती है। ऐसे में कई लोग इस मछली का कारोबार करते है। संवाद