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भुवनेश्वर राजधानी से ढाई किलो अफीम बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

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चंदौली के पीडीडीयू जीआरपी की गिरफ्त में अफीम के साथ युवक। गया तस्कर। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। भुवनेश्वर से नई दिल्ली जा रही भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आरपीएफ स्कोर्ट दो युवकों के पास से ढाई किलो अफीम बरामद की। दोनों पैंट के नीचे पैरों में बैंडेज पट्टी के सहारे अफीम बांध कर रांची से बरेली आपूर्ति करने जा रहे थे। बरामद माल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस लाख रुपये बताई गई है। आरपीएफ ने अफीम सहित दोनों युवकों को जीआरपी के हवाले कर दिया। जीआरपी तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी गई है।
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राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में मंगलवार की रात आरपीएफ की टीम गश्त कर रही थी। इसी बीच दो युवक ट्रेन में संदिग्ध हाल में दिखे। दोनों से टिकट मांगने पर वे नहीं दिखा सके। तलाशी लेने पर पैर की जांघे कुछ अधिक फूली हुई दिखी। जब जिंस पैंट खोलने को कहा गया तो पैंट खोलते ही आरपीएफ के जवान भौंचक रह गए। दोनों ने जांघों पर अफीम भरे प्लास्टिक को लपेट रखा था और उसके ऊपर से गर्म पट्टी बांध रखी थी। इसकी सूचना आरपीएफ डीडीयू पोस्ट और जीआरपी को दी गई। मंगलवार की रात साढ़े 12 बजे भुवनेश्वर राजधानी स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने दोनों को नीचे उतारा और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में दोनों ने अपना क्रमश: नाम शिव कुमार और सागर कुमार यादव निवासी कुम्हार टोली थाना सुखदेवनगर रांची झारखंड बताया। बताया कि दोनों रांची से अफीम को बरेली पहुंचाने वाले थे। बरामद अफीम की तौल पर करने पर इसका वजन 2.525 किलो हुआ। इस मामले में जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया। जीआरपी निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि बरामद अफीम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस लाख रुपये है। बताया कि अफीम भेजने वालों का पता लगाया जा रहा है। अफीम बरामदगी टीम में आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार, एसआई बाल गंगाधर, एएसआई बीपी सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार,रफीगंज के आरक्षी दिनेश कुमार और सचिदा प्रसाद शामिल रहे।
पीडीडीयू नगर। अफीम के साथ पकड़े गए तस्कर वास्तव में सिर्फ पैसे के लिए कैरियर के रूप में काम करते हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि दोनों फुलप्रुफ तरीके से चले थे लेकिन गलत ट्रेन में चढ़ जाने की वजह से सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़ गए। बताया कि दोनों सड़क मार्ग से रांची से गया पहुंचे थे। यहां बताया गया था कि वे पं. दीनदयाल उपाध्याय जाने वाले एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ जाएं और पीडीडीयू नगर उतर जाएं। यहां से उन्हें दूसरे साधन से बरेली भेजा जाएगा। वे ट्रेन का नाम नहीं पढ़ सके और राजधानी में चढ़ गए। यहां टिकट न होने की वजह से जांच में पकड़े गए।
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