चंदौली। जिले में धान की फसल तैयार होने के बाद क्रय केंद्रों पर धान की खरीद अभी रफ्तार भी नहीं पकड़ पाई थी कि खरीद के लिए नामित तीन क्रय एजेंसियों ने धान क्रय करने से मना कर दिया। इन एजेेंसियों ने संसाधन और कर्मचारियों की कमी बताई है। जिससे इनके 20 क्रय केंद्र बंद हो गये। अब इन केंद्रों पर पंजीकरण कराने वाले किसानों के सामने धान बेचने की समस्या उत्पन्न हो गई है।
जिले में धान खरीद के लिए आठ क्रय एजेंसियां नामित की गई थीं। जिनके 112 क्रय केंद्र थे। इसमें से तीन एजेंसियों ने धान खरीद करने से मना कर दिया। इसमें खाद्य विपणन विभाग से संबद्ध अरावली एग्रो के दस धान क्रय केंद्र, एनसीसीएफ और केआरबी के पांच-पांच क्रय केंद्र शामिल हैं। इन तीनों एजेंसियों ने संसाधनों की कमी, कर्मचारियों का अभाव दिखाते हुए धान खरीदने से पल्ला झाड़ लिया है। तीनों एजेंसियों के संचालकों ने डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव को पत्र भेजकर धान खरीद में असमर्थता जता दी है। इस प्रकार अब केवल पांच एजेंसियों के 92 केंद्रों से धान की खरीद हो रही है।
सभी क्रय एजेंसियों को 1.83 लाख एमटी धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था। इससे सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि प्रशासन के सामने भी धान खरीदने की चुनौती बन गई है।
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किसानों के धान क्रय करने के लिए जिले में 112 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए आठ एजेंसियों को नामित किया गया है। विपणन शाखा, यूपी एग्रो, पीसीएफ, एनसीसीएफ, पीसीयू, नैफेड सहित पंजीकृत एजेंसिंयों को जिम्मेदारी मिली है। किसानों से 1.83 लाख एमटी धान क्रय करने का लक्ष्य निर्धारित है।
तीन एजेंसियों ने संसाधनों की कमी बताते हुए धान खरीद करने से मना कर दिया है। इससे 20 केंद्र प्रभावित हो रहे हैं। अब उन केंद्रों को दूसरे एजेंसियों को नामित किए जाने पर विचार किया जा रहा है या फिर आसपास के क्रय केंद्रों पर धान बेचने की व्यवस्था कराई जाएगी। ताकि धान बेचेने में किसानों को परेशानी न हो। अनूप श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ।