ओवरलोड वाहनों के कागजातों की जांच करते एआरटीओ
गुरुवार को परिवहन आयुक्त वाराणसी परिक्षेत्र डीके त्रिपाठी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर दिन भर वाहनों की जांच पड़ताल की गई। इस दौरान 45 ओवरलोड ट्रकों को सीज किया गया, जबकि इस अभियान में 20 -25 लाख रुपये के राजस्व वसूली हुई है। अचानक शुरू हुए इस अभियान से ओवरलोड ट्रक चालकों में खलबली रही। कई ट्रक चालक सीमा के बहुत पहले ही ट्रकों को खड़ा कर दिया, वहीं जांच की वजह से वाहनों की रफ्तार थम गई और सीमा पर दिन भर जाम की स्थिति रही।
लगातार ओवरलोड वाहनों के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। गुरुवार को दोपहर में नौबतपुर में वाहनों की जांच पड़ताल शुरू हुई। दिन भर चले चेकिंग अभियान में 45 ओवरलोड ट्रकों को पकड़ कर सीज किया गया। पकड़े गए ट्रकों को स्थानीय थाना परिसर और मंडी समिति चंदौली में खड़ा कराया गया। इस दौरान उप परिवहन आयुक्त डीके त्रिपाठी ने बताया कि पूरे प्रदेश में ओवरलोड वाहनों को नहीं चलने दिया जाएगा।
पहली बार ओवरलोड वाहन पकड़े जाने पर वाहन चालकों के लाइसेंस तीन माह के लिए, दूसरी बार पकड़े जाने पर 6 माह और तीसरी बार में हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाएगा। उप संभागीय परिवहन अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। जब तक ऐसे वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं हो जाता। अभियान में आरटीओ प्रवर्तन वाराणसी राधेश्याम, अनिल कुमार एआरटीओ प्रवर्तन वाराणसी, राजीव कुमार राय अनिल कुमार मिश्रा आदि रहे।
प्रवर्तन वाराणसी अनिल राय, यात्री कर अधिकारी आदि रहे।